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HDFC Bank New MD and CEO: एचडीएफसी बैंक ने 2 नामों का प्रस्ताव RBI को भेजा, शीर्ष बोर्ड संरचना में भी बड़ा बदलाव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read
मुंबई । 
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC Bank ने अपने अगले प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) के चयन की प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ा दिया है। 12 सितंबर 2026 को आयोजित अपनी बोर्ड बैठक में, बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नए प्रमुख पद के लिए प्राथमिकता क्रम में दो उम्मीदवारों के नामों और उनके प्रस्तावित पारिश्रमिक की मंजूरी देकर सूची भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को सौंप दी है।
प्रस्तावित नए MD & CEO का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा और अंतिम नियुक्ति RBI की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी।

शशिधर जगदीशन का कार्यकाल और उत्तराधिकार प्रक्रिया

वर्तमान MD & CEO शशिधर जगदीशन (Sashidhar Jagdishan) का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रहा है। जगदीशन ने तीसरे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति न लेने का व्यक्तिगत फैसला लिया है, जिसके बाद बैंक बोर्ड ने उत्तराधिकार योजना (Succession Planning) को तेजी से पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कौन हो सकते हैं नए MD & CEO?

यद्यपि बैंक ने विनियामक दिशानिर्देशों का पालन करते हुए दोनों अंतिम उम्मीदवारों की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन बाजार सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:
  • कैज़ाद भरूचा (Kaizad Bharucha): बैंक के वर्तमान डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (Deputy MD) कैज़ाद भरूचा को इस पद के सबसे मजबूत आंतरिक दावेदारों में माना जा रहा है।
  • जिमी टाटा (Jimmy Tata): बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर (Chief Credit Officer) रह चुके जिमी टाटा का नाम भी शीर्ष आंतरिक नेतृत्व की सूची में चर्चा में है।

शीर्ष प्रबंधन और बोर्ड ढाँचे (Board Expansion) में बदलाव

उत्तराधिकार योजना को सुगम बनाने और बैंक की सहायक कंपनियों (Subsidiaries) की देखरेख को मजबूत करने के लिए HDFC Bank बोर्ड ने कई बड़े बदलावों को मंजूरी दी है:
  1. वी. श्रीनिवास रंगन (V. Srinivasa Rangan): इन्हें 1 साल की अवधि (23 नवंबर 2026 से 22 नवंबर 2027) के लिए होल-टाइम डायरेक्टर (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) के रूप में पुनर्नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया है।
  2. जिमी टाटा (Jimmy Tata): इन्हें 3 साल के कार्यकाल के लिए नया होल-टाइम डायरेक्टर (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) नियुक्त करने की सिफारिश RBI को भेजी गई है।
  3. चौथा Whole-time Director पद: बोर्ड ने एक नया होल-टाइम डायरेक्टर पद सृजित किया है। इसके साथ ही बोर्ड में MD & CEO के अलावा होल-टाइम डायरेक्टर्स की कुल संख्या 4 हो जाएगी। इस नए पद पर नियुक्ति नए MD & CEO के पदभार ग्रहण करने के बाद उनकी सलाह से की जाएगी।

RBI की मंजूरी और आगे का रास्ता

बैंकिंग विनियामक मानकों के तहत, RBI बोर्ड द्वारा भेजे गए दोनों उम्मीदवारों की साख, बैंकिंग अनुभव और “फिट एंड प्रॉपर” (Fit & Proper) मापदंडों का मूल्यांकन करता है। आमतौर पर रिजर्व बैंक इस प्रक्रिया में 4 से 8 सप्ताह का समय लेता है। RBI की हरी झंडी मिलते ही बैंक की कमान नए नेतृत्व के हाथों में सौंप दी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: HDFC Bank के वर्तमान MD & CEO कौन हैं और उनका कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है?
उत्तर: HDFC Bank के वर्तमान MD & CEO शशिधर जगदीशन हैं। उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
Q2: नए MD & CEO का कार्यकाल कितने वर्षों का होगा?
उत्तर: बैंक बोर्ड ने नए MD & CEO के लिए 3 साल के कार्यकाल का प्रस्ताव RBI को भेजा है।
Q3: क्या बैंक ने RBI को भेजे गए उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए हैं?
उत्तर: नहीं, बैंक ने आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारों के नाम उजागर नहीं किए हैं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में कैज़ाद भरूचा और जिमी टाटा के नाम आंतरिक उम्मीदवारों के रूप में प्रमुखता से चल रहे हैं।
Q4: HDFC Bank ने अपने बोर्ड ढाँचे में क्या बड़ा बदलाव किया है?
उत्तर: बोर्ड ने MD & CEO के अलावा होल-टाइम डायरेक्टर्स की संख्या बढ़ाकर 4 कर दी है। साथ ही जिमी टाटा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने और वी. श्रीनिवास रंगन का कार्यकाल 1 साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

Disclaimer

यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी, कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग्स और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार या वित्तीय उपकरणों में निवेश करने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।