बेंगलुरु ।
कर्नाटक में कमजोर मानसून और बारिश की भारी कमी के कारण सूखे की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में स्थिति का आकलन अभी जारी है। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि सितंबर के अंत तक प्रभावित तालुकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
पेयजल और बिजली आपूर्ति पर मंडराया संकट
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने राज्य की जनता को आगाह किया है कि आने वाले हफ़्तों में पेयजल और बिजली आपूर्ति का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। भूजल स्तर तेजी से गिरने और जलाशयों में पानी की कमी के कारण कृषि क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बिजली की मांग में अचानक आई तेजी ने राज्य सरकार की चिंता बढ़ा दी है:
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महंगे दामों पर बिजली खरीद: शाम के पीक आवर्स (Peak Hours) के दौरान बिजली की रिकॉर्ड मांग को पूरा करने के लिए सरकार को बाजार से महंगे दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है।
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थर्मल पावर का सहारा: बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार थर्मल पावर प्लांटों के परिचालन को बढ़ाने और अतिरिक्त बिजली अनुबंधों के विकल्पों पर विचार कर रही है।
किसानों पर दोहरी मार और केंद्र से मदद की उम्मीद
कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुआई और वृद्धि बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की किल्लत के साथ-साथ सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसानों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
| प्रभावित क्षेत्र | मुख्य कारण | तात्कालिक प्रभाव |
| कृषि (Agriculture) | वर्षा में 30-40% तक की कमी | फसलें सूखीं, उत्पादन में भारी गिरावट |
| बिजली (Power Sector) | जलाशयों में जल स्तर घटा | थर्मल पावर पर निर्भरता व महंगी खरीदारी |
| पेयजल (Drinking Water) | भूजल स्तर में भारी गिरावट | टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की नौबत |
राज्य सरकार नुकसान का व्यापक सर्वेक्षण करा रही है और जल्द ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के तहत राहत राशि के लिए केंद्र सरकार को एक विस्तृत ज्ञापन भेजने की तैयारी में है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1: कर्नाटक में कितने तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है?
वर्तमान में 101 तालुकों को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित किया गया है, और सितंबर के अंत तक यह संख्या बढ़ने की संभावना है।
Q2: कर्नाटक सरकार सूखे से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार अतिरिक्त बिजली खरीदने, थर्मल पावर उत्पादन बढ़ाने, पेयजल आपूर्ति की आपातकालीन योजना बनाने और केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मांगने की तैयारी कर रही है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख उपलब्ध समाचार और सरकारी बयानों के आधार पर केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों और राहत योजनाओं की सटीक जानकारी के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति देखें।
