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युद्ध अभ्यास 2026: भारत और अमेरिका के बीच 22वां संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू; औली और महाजन में 1200 सैनिक दिखा रहे हैं ताकत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
नई दिल्ली । 
भारत और अमेरिकी सेना के बीच रक्षा रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देते हुए वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास 2026’ (Yudh Abhyas 2026) का 22वां संस्करण सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है। इस वर्ष का अभ्यास ऐतिहासिक और अनोखा है, क्योंकि पहली बार इसे एक साथ दो अलग-अलग भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों (टू-थिएटर फॉर्मेट) में आयोजित किया जा रहा है।
यह 19-दिवसीय संयुक्त अभ्यास 28 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। इसमें दोनों देशों के लगभग 1,200 सैन्यकर्मी (600 भारतीय और 600 अमेरिकी सैनिक) हिस्सा ले रहे हैं।

दो अलग-अलग युद्ध क्षेत्रों (Theaters) में कठिन प्रशिक्षण

सैन्य अभियानों में लचीलापन और बहु-क्षेत्रीय तैयारी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अभ्यास को दो मुख्य स्थानों पर विभाजित किया गया है:
  1. औली (उत्तराखंड): यह क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई और ठंडे मौसम में सैन्य ऑपरेशन्स के लिए जाना जाता है। औली में भारतीय और अमेरिकी सैनिक (अलास्का स्थित अमेरिका की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन सहित) पर्वतीय युद्ध रणनीति, हाई-अल्टीट्यूड लॉजिस्टिक्स और दुर्गम इलाकों में इन्फैंट्री ऑपरेशन्स का अभ्यास कर रहे हैं।
  2. महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (राजस्थान): इस रेगिस्तानी क्षेत्र में सैनिक लंबी दूरी की आर्टिलरी फायरिंग, लाइव-फायरिंग ड्रिल, पिनाका और HIMARS जैसे आधुनिक रॉकेट व मिसाइल सिस्टम का संयुक्त परीक्षण कर रहे हैं।

आधुनिक तकनीक और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों पर विशेष ध्यान

‘युद्ध अभ्यास 2026’ में पारंपरिक युद्ध रणनीति के साथ-साथ modern-day battlefield technologies को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • MLIDS का पहला प्रयोग: इस बार अभ्यास के दौरान पहली बार अमेरिका की काउंटर-ड्रोन प्रणाली MLIDS (Mobile Low, Slow, Small Unmanned Aircraft Integrated Defeat System) को भारत में तैनात कर परीक्षण किया जा रहा है।
  • मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स: दोनों देशों के विशेषज्ञ अंतरिक्ष (Space), साइबर युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और इंटेलिजेंस शेयरिंग जैसे महत्वपूर्ण डोमेन पर अपनी रणनीति साझा कर रहे हैं।
  • कमांड पोस्ट और फील्ड एक्सरसाइज: अभ्यास में एक कमांड पोस्ट एक्सरसाइज (CPX) और एक फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज (FTX) शामिल है, जिसका समापन लाइव-फायर प्रदर्शन के साथ होगा।

भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों के लिए क्यों खास है यह अभ्यास?

यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (संयुक्त संचालन क्षमता), साझा सामरिक योजना और वैश्विक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आतंकवाद विरोधी अभियानों में दोनों देशों का आपसी समन्वय इस साझेदारी का मुख्य स्तंभ है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. ‘युद्ध अभ्यास 2026’ का कौन सा संस्करण आयोजित किया जा रहा है?
उत्तर: यह भारत और अमेरिकी सेना के बीच आयोजित होने वाला 22वां संस्करण है।
Q2. यह अभ्यास किन दो स्थानों पर आयोजित हो रहा है?
उत्तर: यह अभ्यास उत्तराखंड के औली (पर्वतीय क्षेत्र) और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (रेगिस्तानी क्षेत्र) में आयोजित किया जा रहा है।
Q3. ‘युद्ध अभ्यास 2026’ कब तक चलेगा?
उत्तर: यह अभ्यास 9 सितंबर से शुरू होकर 28 सितंबर 2026 को समाप्त होगा।
Q4. इस अभ्यास में कुल कितने सैनिक हिस्सा ले रहे हैं?
उत्तर: इसमें कुल 1,200 सैनिक भाग ले रहे हैं, जिसमें 600 सैनिक भारतीय सेना के और 600 सैनिक अमेरिकी सेना के हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें शामिल डेटा और तथ्य आधिकारिक सैन्य प्रेस विज्ञप्तियों (PIB) एवं विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।