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मक्का के पास हूती ड्रोन मार गिराने का दावा: सऊदी अरब ने दी ‘Red Line’ की चेतावनी, हूतियों ने किया इनकार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रियाद । 
मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक बेहद संवेदनशील घटनाक्रम सामने आया है। सऊदी अरब की शाही वायु रक्षा प्रणाली (Royal Saudi Air Defense Forces) ने मंगलवार शाम मक्का शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले एक संदिग्ध हूती ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी गठबंधन के अनुसार, यह कार्रवाई मक्का के दक्षिणी क्षेत्र में शाम लगभग 6:50 बजे की गई।

मक्का और पवित्र स्थलों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए ‘Red Line’

सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि मक्का, काबा और ग्रैंड मस्जिद की सुरक्षा के साथ-साथ यहाँ आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों (जायरीनों) की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए एक सर्वोच्च priority और ‘Red Line’ (अंतिम सीमा) है।
गठबंधन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी हवाई खतरे या प्रयास को रोकने के लिए कठोर और निवारक (deterrent) कदम उठाए जाएंगे।

पवित्र स्थलों को कोई नुकसान नहीं, सुरक्षा अलर्ट हटाया गया

सऊदी अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि ड्रोन को मक्का शहर की मुख्य सीमाओं से बाहर ही हवा में नष्ट कर दिया गया था।
  • ग्रैंड मस्जिद (मस्जिद अल-हरम), काबा अथवा किसी अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।
  • घटना के तुरंत बाद मक्का, जेद्दा और पश्चिमी क्षेत्रों में एहतियातन जो सिविल डिफेंस एयर रेड अलर्ट जारी किया गया था, उसे स्थिति नियंत्रण में आने के बाद हटा लिया गया।
  • शहर में सभी धार्मिक गतिविधियाँ और उमरा यात्रा सामान्य रूप से जारी हैं।

हूती समूह का इनकार: “यह पुराना दावा है”

दूसरी ओर, यमन के हूती आंदोलन के अधिकारियों ने मक्का या किसी भी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने के सऊदी अरब के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। हूती पोलित ब्यूरो के सदस्य हजेम अल-असद ने कहा कि सऊदी गठबंधन का यह दावा एक पुराना और मनगढ़ंत प्रचार है।
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा दावा किया गया है; इससे पहले जुलाई 2017 में भी सऊदी अरब ने मक्का की दिशा में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराने का दावा किया था, जिसे हूतियों ने खारिज कर दिया था।

यमन संघर्ष और वैश्विक प्रभाव

यह घटनाक्रम यमन में सऊदी समर्थित बलों और हूती विद्रोहियों के बीच फिर से भड़के भीषण संघर्ष का परिणाम है। हाल के दिनों में लाल सागर और सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन तथा मिसाइल हमलों में तेज़ी आई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मक्का जैसे अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक महत्व वाले शहर के आसपास बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और लाल सागर के व्यापारिक मार्गों के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. मक्का के पास ड्रोन की घटना कब और कहाँ हुई?
उत्तर: यह घटना मंगलवार (15 सितंबर) शाम लगभग 6:50 बजे मक्का के दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्र में हुई, जहाँ सऊदी एयर डिफेंस ने ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।
Q2. क्या ग्रैंड मस्जिद या पवित्र काबा को कोई नुकसान पहुँचा है?
उत्तर: नहीं, ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बाहर ही नष्ट कर दिया गया था, जिससे मक्का में किसी भी संपत्ति या पवित्र स्थल को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
Q3. हूती समूह का इस घटना पर क्या रुख है?
उत्तर: हूती अधिकारियों ने मक्का या किसी भी धार्मिक स्थल पर ड्रोन भेजने या हमला करने के आरोपों को खारिज किया है।

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Disclaimer (अस्वीकरण):
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक सऊदी बयानों, क्षेत्रीय रिपोर्टों और हूती प्रवक्ताओं के दावों पर आधारित है। मातृभूमि समाचार (Matribhumi Samachar) किसी भी सैन्य दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।