शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 10:40:40 PM

SCO-RATS बैठक: इस्लामाबाद में आतंकवाद पर भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना, जानिए क्षेत्रीय कूटनीति के लिए क्या हैं इसके मायने

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
इस्लामाबाद । 
भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण कूटनीतिक संबंधों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान की अध्यक्षता में इस्लामाबाद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (Regional Anti-Terrorist Structure – RATS) की 46वीं बैठक में भारत ने आधिकारिक रूप से भाग लिया। 14 सितंबर 2026 को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक की पुष्टि स्वयं पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने की है।
द्विपक्षीय गतिरोध के बावजूद आतंकवाद-विरोधी बहुपक्षीय मंच पर भारत की यह मौजूदगी दक्षिण एशियाई भू-राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बैठक के मुख्य बिंदु और भारतीय प्रतिनिधित्व

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रभारी (Chargé d’Affaires) ने इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
मुख्य पहलू विवरण
कार्यक्रम 46वीं SCO-RATS काउंसिल बैठक
तारीख व स्थल 14 सितंबर 2026, इस्लामाबाद (पाकिस्तान)
सहभागी देश भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान
प्रमुख एजेंडा सीमा पार आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद और सुरक्षा खुफिया जानकारी साझा करना

‘थ्री इविल फोर्सेस’ और पाकिस्तान का नया रुख

SCO-RATS मुख्य रूप से तीन प्रमुख सुरक्षा चुनौतियों—आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद (Three Evil Forces)—से निपटने के लिए काम करता है।
इस्लामाबाद में हुई इस बैठक के दौरान पाकिस्तान ने आतंकवाद को केवल एक देश की समस्या न बताकर दोनों देशों के लिए “साझा चुनौती” (Shared Challenge) करार दिया। पाकिस्तान की ओर से यह भी कहा गया कि SCO के बहुपक्षीय ढांचे के तहत भारत की निरंतर भागीदारी की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिल सके।

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर इसका कूटनीतिक प्रभाव

यद्यपि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ताएं लंबे समय से रुकी हुई हैं, फिर भी बहुपक्षीय मंच पर यह भागीदारी कई रणनीतिक संकेत देती है:
  1. संस्थागत प्रतिबद्धता: भारत ने साफ किया है कि वह क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-विरोधी बहुपक्षीय अभियानों से पीछे नहीं हटेगा, चाहे मेजबान देश कोई भी हो।
  2. अंतर्राष्ट्रीय मंच का दबाव: SCO जैसे मंचों पर आतंकवाद पर चर्चा होने से पाकिस्तान पर अपनी सरजमीं से पनपने वाले आतंकवादी ढांचों पर कार्रवाई करने का कूटनीतिक दबाव बना रहता है।
  3. द्विपक्षीय संबंधों में नरमी का संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि इसे भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों में किसी बड़े बदलाव के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। यह एक बहुपक्षीय दायित्व का हिस्सा है, और वास्तविक प्रगति के लिए जमीनी स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी।
  • अंतर्राष्ट्रीय मामलों की अधिक कवरेज के लिए Matribhumisamachar English Section पर जाएँ।
  • भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर नवीनतम अपडेट्स देखने के लिए Matribhumisamachar Main Portal पर जाएँ।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: SCO-RATS क्या है और इसका मुख्य कार्य क्या है?
Ans: SCO-RATS (Regional Anti-Terrorist Structure) शंघाई सहयोग संगठन का एक स्थायी अंग है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ समन्वय और खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान करना है।
Q2: इस्लामाबाद में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?
Ans: इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रभारी (Chargé d’Affaires) ने इस 46वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
Q3: क्या इस बैठक से भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंध सामान्य होंगे?
Ans: नहीं, यह भागीदारी SCO के बहुपक्षीय ढांचे के तहत हुई है। भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि द्विपक्षीय वार्ता और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते।
Disclaimer: यह लेख इस्लामाबाद में आयोजित SCO-RATS की बैठक और आधिकारिक बयानों के आधार पर विश्लेषणात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। प्रस्तुत विचार क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक घटनाक्रमों पर आधारित हैं।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।