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उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आर. माधवन को बनाया ब्रांड एंबेसडर, ‘नथिंग स्मॉल अबाउट अस’ कैंपेन शुरू

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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‘स्मॉल’ (छोटे) शब्द से जुड़ी ग्राहकों की सोच पर आधारित यह अभियान, उज्जीवन की विस्तृत सेवाओं, पहुँच और बड़े पैमाने को दर्शाता है

उत्तर प्रदेश, सितंबर 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड (उज्जीवन एसएफबी) ने अपना नया ब्रांड अभियान ‘नथिंग स्मॉल अबाउट अस’ (हमारे बारे में कुछ भी छोटा नहीं) शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान में मशहूर अभिनेता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित आर. माधवन को बैंक का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। बैंक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 800 से अधिक शाखाओं के माध्यम से 1 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएँ दे रहा है।

यह अभियान ग्राहकों की एक महत्वपूर्ण धारणा पर आधारित है। कई बार ‘स्मॉल’ यानि ‘छोटा’ शब्द से यह धारणा बन सकती है कि बैंक मुख्य रूप से छोटी रकम की वित्तीय जरूरतों को पूरा करता है, उसके बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं की संख्या सीमित है या उसका कारोबार छोटे स्तर पर है। ‘हमारे बारे में कुछ भी छोटा नहीं’ अभियान के जरिए बैंक की मौजूदा व्यापक क्षमता और पहुंच को सामने लाने की कोशिश की गई है।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड बचत, जमा (डिपॉजिट), लोन और बिज़नेस बैंकिंग से लेकर फॉरेक्स, एनआरआई सेवाओं के साथ-साथ निवेश और वेल्थ सॉल्यूशंस जैसी संपूर्ण बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करता है। ग्राहकों की अलग-अलग वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इसके लोन की सीमा 6,000 रुपए से लेकर 250 करोड़ रुपए तक है।

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इस कैंपेन पर बात करते हुए, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (सीएमओ), लक्ष्मण वेलायुथम ने कहा, “दरअसल ‘नथिंग स्मॉल अबाउट अस’ की सोच ग्राहकों के बीच मिली एक वास्तविक समझ से निकली है। हमने पाया कि नाम में ‘स्मॉल’ होने से कभी-कभी यह धारणा बन जाती है कि हमारे प्रोडक्ट्स, लोन की रकम या हमारा दायरा सीमित हो सकता है। आज का उज्जीवन इस सोच से बिल्कुल अलग है। हमारे पास एक विस्तृत ब्रांच नेटवर्क है और ग्राहकों की विविध ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बैंकिंग व लोन सेवाओं की एक पूरी श्रृंखला मौजूद है। इस कैंपेन के ज़रिए हम हर किसी को यह दिखाना चाहते हैं कि आज उज्जीवन असल में क्या है, एक ऐसा बैंक, जिसके पास हर तरह की वित्तीय ज़रूरत पूरी करने का दायरा, पहुँच और व्यापक समाधान हैं। आर. माधवन की वर्षों से बनी विश्वसनीयता, सादगी और भरोसा, हमारे इस संदेश को लोगों तक पहुँचाने के लिए बिल्कुल सटीक हैं।”

उज्जीवन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में आर. माधवन को चुने जाने के पीछे उनके व्यक्तित्व और बैंक के मूल्यों के बीच मजबूत समानता भी एक प्रमुख वजह है। आर. माधवन ने वर्षों के दौरान ईमानदारी, विनम्रता, बहुमुखी प्रतिभा और सहजता से जुड़ी अपनी पहचान बनाई है। निरंतरता के साथ उन्होंने लोगों का भरोसा जीता है और अलग-अलग वर्गों तथा भौगोलिक क्षेत्रों के दर्शकों के साथ मजबूत जुड़ाव कायम किया है। ये गुण उज्जीवन के मूल्यों और ग्राहकों व हितधारकों के साथ मजबूत संबंध बनाने की बैंक की सोच से काफी मेल खाते हैं।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ अपने जुड़ाव पर बोलते हुए, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित आर. माधवन ने कहा, “जब भी मैं किसी ब्रांड से जुड़ता हूँ, तो पहले उसे समझना पसंद करता हूँ। इसलिए उज्जीवन के साथ जुड़ने से पहले मैंने खुद बैंक के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। मैंने बैंक, उसकी यात्रा और वर्षों में उसने जो बनाया है, उसके बारे में पढ़ा। जो कुछ मैंने जाना, उससे मुझे वास्तव में खुशी हुई और उज्जीवन के साथ जुड़ने का विश्वास मिला। और मेरा विश्वास कीजिए, उनके बारे में कुछ भी छोटा नहीं है। मेरा मानना है कि उज्जीवन के बारे में लोगों को अभी बहुत कुछ जानना बाकी है और मुझे इस बैंक के साथ जुड़कर खुशी हो रही है।”

इस एकीकृत अभियान को टेलीविजन, प्रिंट, डिजिटल, ओटीटी/सीटीवी, आउटडोर, सोशल मीडिया और उज्जीवन के शाखा नेटवर्क के जरिए व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा। इसके माध्यम से ग्राहकों के साथ संपर्क के विभिन्न माध्यमों पर एक जैसी और मजबूत ब्रांड पहचान कायम करने की कोशिश की जाएगी।

अभियान से जुड़े प्रमुख लोग:
क्लाइंट: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक
क्रिएटिव एजेंसी: प्लान बी एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड
प्रोडक्शन एजेंसी: कॉलोनियल फिल्म्स
निर्देशक: राजेश रामास्वामी
विडियो की लिंक: Ujjivan Brand Campaign | Empowering Lives, Building Futures

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।