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Jio Platforms की ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग और बाजार का उतार-चढ़ाव: जानें शेयर बाजार की पूरी रिपोर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली।

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को मिला-जुला और भारी उतार-चढ़ाव वाला कारोबारी सत्र देखने को मिला। एक तरफ जहां Reliance Group की Jio Platforms ने शेयर बाजार में अपनी ब्लॉकबस्टर एंट्री से निवेशकों को गदगद कर दिया, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल की ऊंची दरों और वैश्विक दबाव के कारण घरेलू बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए।

 

Sensex और Nifty का क्लोजिंग अपडेट

28 अक्टूबर को कारोबारी सत्र की समाप्ति पर भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों की स्थिति इस प्रकार रही:

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  • BSE Sensex: 352 अंक (0.48%) गिरकर 73,246.03 पर बंद हुआ। (पिछली क्लोजिंग: 73,598.67)
  • NSE Nifty 50: लगभग 50 अंक (0.20%) की गिरावट के साथ 22,698.85 पर बंद हुआ। (पिछली क्लोजिंग: 22,749.75)

 

Jio Platforms: 21.4% प्रीमियम के साथ शानदार लिस्टिंग

बुधवार के पूरे कारोबारी सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण Jio Platforms की लिस्टिंग रही:

  • लिस्टिंग प्राइस: ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुआ, जिससे निवेशकों को सीधे 21.4% का लिस्टिंग गेन मिला।
  • मार्केट कैप: शानदार शुरुआत के साथ कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) ₹12.6 लाख करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गया।
  • टेलीकॉम सेक्टर का नया किंग: इस लिस्टिंग के साथ ही Jio Platforms देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई और Bharti Airtel को पीछे छोड़ते हुए दूरसंचार क्षेत्र की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का खिताब अपने नाम किया।

 

Jio की तेजी के बावजूद क्यों फिसला बाजार?

Jio Platforms की धमाकेदार एंट्री के बावजूद व्यापक बाजार (Broad Market) में तेजी नहीं टिक सकी। इसके पीछे निम्नलिखित 5 प्रमुख कारण रहे:

  1. कच्चे तेल (Brent Crude) में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude $115 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, जिससे भारत के आयात बिल और महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा गई है।
  2. IT शेयरों में भारी बिकवाली: IT इंडेक्स में शुरुआती सत्र के दौरान करीब 3% की गिरावट देखी गई। Infosys, TCS और HCLTech जैसे दिग्गजों में बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचा।
  3. विदेशी निवेशकों (FIIs) का दबाव: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा जारी लगातार बिकवाली ने सेंटीमेंट बिगाड़ा।
  4. रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपया 95.11 से 95.19 के निचले स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है, जिससे आयातकों पर दबाव है।
  5. US Fed का रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है।

 

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सेक्टर और शेयरों का हाल

  • दबाव वाले सेक्टर: Nifty IT, Nifty Oil & Gas
  • सकारात्मक रुख वाले सेक्टर: Auto, Consumer Durables
  • टॉप लूजर्स: Infosys, Reliance Industries, ONGC, Tech Mahindra, Bharti Airtel
  • टॉप गेनर्स: Apollo Hospitals, Larsen & Toubro, Trent, SBI Life, IndiGo, Bajaj Auto

 

समाचार एवं मीडिया लिंक्स

विस्तृत कवरेज के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर विजिट करें:

 

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. 28 अक्टूबर को Jio Platforms की लिस्टिंग किस कीमत पर हुई?

उत्तर: Jio Platforms का शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुआ, जो कि 21.4% का प्रीमियम दिखाता है।

Q2. Jio Platforms का कुल मार्केट कैप लिस्टिंग के बाद कितना हो गया?

उत्तर: लिस्टिंग के बाद Jio Platforms का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹12.6 लाख करोड़ पहुंच गया, जिससे यह भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई।

Q3. शेयर बाजार में गिरावट का मुख्य कारण क्या था?

उत्तर: कच्चे तेल (Brent Crude) की $115+ की ऊंची कीमतें, IT शेयरों में बिकवाली, रुपये में कमजोरी और FIIs की बिकवाली बाजार में गिरावट के मुख्य कारण रहे।

 

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या IPO में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या संपत्ति में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (SEBI Registered Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।