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वीणा वादिनी बालिका इण्टर कॉलेज, तेरईफाटक (ललितपुर) में दीपावली पर भव्य रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

ललितपुर।

वीणा वादिनी बालिका इण्टर कॉलेज, तेरईफाटक में दीपावली के पावन पर्व के शुभ अवसर पर एक भव्य एवं रंगारंग रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन अत्यंत उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनकी रचनात्मक कला को प्रोत्साहित करना था।

 

दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि उप प्रधानाचार्या रमा तिवारी द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।

 

रंगोली में दिखा कला और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम

प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय परिसर छात्राओं द्वारा बनाई गई आकर्षक और रंग-बिरंगी रंगोलियों से जगमगा उठा। छात्राओं ने केवल पारंपरिक डिजाइन ही नहीं, बल्कि कई ज्वलंत सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों को अपनी कला के माध्यम से उकेरा।

छात्राओं द्वारा बनाई गई प्रमुख रंगोलियों के विषय:

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  • धार्मिक व सांस्कृतिक चेतना: लक्ष्मी-गणेश पूजन एवं दीपावली की शुभकामना संदेश।
  • राष्ट्रीय एवं सामाजिक अभियान: ‘स्वच्छ भारत अभियान’ तथा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’।
  • पर्यावरण संरक्षण: ‘पर्यावरण बचाओ’ और हरित दीपावली का संदेश।

छात्राओं की इस अद्भुत कल्पनाशीलता, रंगों के बेहतरीन समन्वय और सूक्ष्म कलाकारी को देखकर मुख्य अतिथि सहित उपस्थित सभी शिक्षकगण और अतिथि मंत्रमुग्ध रह गए।

 

भारतीय संस्कृति और स्वच्छता पर अतिथियों का संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मनोज कुमार तिवारी (प्रधानाचार्य) ने कहा:

“रंगोली हमारी भारतीय संस्कृति और समृद्ध परंपरा की अनुपम पहचान है। यह न केवल हमारे घरों में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती है, बल्कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं के भीतर रचनात्मकता और अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम व जुड़ाव का निरंतर विकास होता है।“

विशिष्ट अतिथि रमा तिवारी (उप प्रधानाचार्या) ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का पावन पर्व है। उन्होंने अपील की कि सभी को यह त्यौहार स्वच्छता, भाईचारे और सुरक्षा के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्राओं के प्रयास और प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

 

पुरस्कार वितरण एवं गणमान्यजनों की उपस्थिति

प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट एवं मनमोहक रंगोली बनाने वाली प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को विद्यालय प्रबंधन द्वारा मेडल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के शिक्षक रामजीवन विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर महेंद्र सिंह परिहार, रामजीवन, ओमप्रकाश, शिवप्रताप सिंह, ऋषभ कौशिक, सुभद्रा परिहार, आकांक्षा यादव, अक्षिता राजा, सृष्टि तिवारी सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन कहां किया गया था?

उत्तर: रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन तेरईफाटक, ललितपुर स्थित वीणा वादिनी बालिका इण्टर कॉलेज में किया गया था।

Q2. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि कौन थे?

उत्तर: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार तिवारी थे तथा विशिष्ट अतिथि उप प्रधानाचार्या रमा तिवारी थीं।

Q3. छात्राओं ने किन विषयों पर रंगोली बनाई थी?

उत्तर: छात्राओं ने लक्ष्मी-गणेश पूजन, स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, और पर्यावरण संरक्षण जैसे संदेशपरक विषयों पर रंगोली बनाई।

Q4. कार्यक्रम का संचालन किसके द्वारा किया गया?

उत्तर: कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के शिक्षक रामजीवन विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

 

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह समाचार रिपोर्ट वीणा वादिनी बालिका इण्टर कॉलेज, तेरईफाटक (ललितपुर) द्वारा आयोजित दीपावली रंगोली प्रतियोगिता की उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयीय गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाना है।

 

संबंधित उपयोगी लिंक्स (Relevant Links – MatribhumiSamachar.in)

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।