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नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन पर 1.44 लाख फूलों से होगी सजावट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. पीएम नरेंद्र मोदी के 30 दिसंबर के दौरे पर उनके भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है। देशी-विदेशी फूलों और तोरणद्वारों से अयोध्या को सजाया जा रहा है। इसके लिए अयोध्या और आसपास के जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, मथुरा और सीतापुर के 700-800 कारीगर जुटे हैं। अयोध्या को सजाने के लिए कोलकाता, कानपुर, दिल्ली, बेंगलुरु के अलावा विदेश से भी फूल मंगवाए गए हैं। एयरपोर्ट बाईपास से फोरलेन धर्मपथ, साकेत पेट्रोल पंप हनुमानगढ़ी के रास्ते लगभग 9 किमी. से अधिक दूरी तय करने में दो दर्जन से अधिक तोरणद्वार बनाए जा रहे हैं।

यहां रेलिंग व डिवाइडर को फूलों व बुके से सजाया जाएगा। अयोध्या के रहने वाले बालकृष्ण सैनी अपनी टीम के साथ काम में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 1,44,000 क्विंटल फूल लगाए जाएंगे। इनमें कोलकाता से गेंदा की लड़ी, कानपुर व दिल्ली से अशोक की पत्ती, दिल्ली व बेंगलुरु से विदेशी फूल आएंगे। इनमें आर्केड, कार्नेसन, टाटा रोज, स्टार, डेली, जरबेरा के साथ ही विक्टोरिया, सन ऑफ इंडिया, पैराग्रास, मनोकोमली, चाइना पत्ती, घोड़ापाम, एरिका पान आदि से सजावट की जाएगी। वहीं गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, कनेर, डहेलिया आदि फूल से भी रास्तों को सजाया जाएगा।

सैनी के मुताबिक उनकी टीम के 700-800 कारीगर रात दिन काम में लगे हुए हैं। इसमें मथुरा-वृंदावन के 250, सीतापुर के 250, पश्चिम बंगाल के 150 कारीगर, स्थानीय स्तर पर 75 कारीगर लगे हैं। अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल ने बताया कि अयोध्‍या के हर मार्ग पर बनने वाले प्रवेशद्वार प्रभु राम के भाइयों और उनके प्रिय भक्‍तों के नाम से बनाए जा रहे हैं।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।