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हेमंत सोरेन ने अपने मंत्रिमंडल में नहीं दी भाई बसंत सोरेन को जगह

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार के सोमवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है. वहीं अब सोरेन का मंत्रिमंडल का भी विस्तार हो गया है. झारखंड के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने झामुमो नीत गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं और अन्य सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति में राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. पूर्व सीएम चंपई सोरेन को भी मंत्री बनाया गया है. हालांकि हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है.इस मंत्रिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा की तरफ से बसंत सोरेन, दीपक बीरुआ, हफीजुल हसन अंसारी, बेबी देवी, मिथिलेश ठाकुर, बैद्यनाथ राम को जगह दी गई है. बता दें कि बैद्यनाथ राम को छोड़कर ये सभी नेता हेमंत और चंपई सोरेन सरकार में भी मंत्री पद पर थे. वहीं आरजेडी के कोटे से से सत्यानंद भोक्ता को मंत्री बनाया गया है.

किस जाति का कौन मंत्री?

JMM कोटे के मंत्री

चंपई सोरेन- आदिवासी
बैद्यनाथ- राम दलित
दीपक बिरुआ- आदिवासी
हफीजूल हसन- मुस्लिम

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कांग्रेस के कोटे के मंत्री
बन्ना गुप्ता-  बनिया ओबीसी
रामेश्वर उरांव- आदिवासी
इरफान अंसारी- मुस्लिम
दीपिका पाण्डे सिंह  राजपूत

RJD कोटे के मंत्री

सत्यानंद भोक्ता- आदिवासी

इससे पहले आज झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नीत गठबंधन सरकार ने सोमवार को विधानसभा से विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बीच विश्वास मत हासिल कर लिया. राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में मनोनीत सदस्य ग्लेन जोसेफ गॉलस्टेन सहित कुल 45 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के विधायक वोटिंग के लिए गिनती शुरू होते ही सदन से बाहर चले गए. भाजपा के नेतृत्व वाले विपक्ष में भाजपा के 24 और आजसू पार्टी के तीन विधायक हैं.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।