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सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में 2 और लोगों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई की टीम ने पटना के कंकड़बाग से सन्नी कुमार और रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। 8 जुलाई को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 4 आरोपियों की रिमांड 4 दिन के लिए बढ़ा दी थी। हालांकि, एक आरोपी चिंटू को जेल भेज दिया था। स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपी अमन, एहसान, इम्तियाज और जमालुद्दीन को रिमांड पर भेज दिया था। सीबीआई की टीम 4 आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद से लगातार पूछताछ कर रही है।

अब तक CBI की गिरफ्त में 10 आरोपी

28 जून को झारखंड के हजारीबाग से CBI ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक, वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज और पत्रकार जमालुद्दीन शामिल हैं। इससे पहले 27 जून को पटना से एजेंसी ने 2 लोगों को अरेस्ट किया था। इसके बाद CBI की टीम ने धनबाद से अमन को गिरफ्तार किया था। वहीं, झारखंड के देवघर से चिंटू और मुकेश को गिरफ्तार किया था। CBI की टीम ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। CBI और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 3 मई को NEET के क्वेश्चन पेपर कूरियर एजेंसी ब्लू डार्ट के हजारीबाग नूतन नगर सेंटर से बैंक ले जाने की बजाय पहले ओएसिस स्कूल लाए गए। इसके बाद यहां से बैंक भेजे गए। संदेह है कि क्वेश्चन पेपर का पैकेट स्कूल में ही खोला गया था।

एग्जाम के दिन ही पेपर लीक के शक में 13 गिरफ्तारियां हुईं

बिहार पुलिस ने पेपर लीक के शक में 5 मई को ही 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एग्जाम के एक दिन बाद यानी 6 मई को पेपर लीक के आरोप से इनकार कर दिया था। वहीं, 5 मई को पकड़े गए 13 में से 9 आरोपियों के बेल पर सुनवाई 11 जुलाई को सीबीआई कोर्ट में होगी। हालांकि, चार 4 आरोपियों ने अपना बेल पिटीशन वापस ले लिया था।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।