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जेडीयू ने झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजमो से किया गठबंधन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. बिहार एवं केंद्र सरकार में भाजपानीत राजग गठबंधन में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) झारखंड में निर्दलीय विधायक सरयू राय के नेतृत्व वाले भारतीय जनतंत्र मोर्चा (भाजमो) के साथ मिलकर विधानसभा का आगामी चुनाव लड़ेगा। इस संबंध में शनिवार को पटना में हुई महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय किया गया। जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक और भाजमो के संरक्षक सरयू राय ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान विजय नारायण चौधरी समेत अन्य नेता भी उपस्थित थे।

बैठक में किस बात पर बनी सहमती

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। सीटों के बंटवारे समेत अन्य चुनावी औपचारिकताओं पर शीघ्र निर्णय होगा। सरयू राय ने पटना से फोन पर हुई बातचीत में भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर निर्णय हो गया है। एक-दो दिन में जदयू के केंद्रीय स्तर के पदाधिकारी इस संबंध में बैठक करेंगे। जल्द ही सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरयू राय ने वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने के कारण भाजपा छोड़ दी थी। उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी सीट से तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध चुनाव लड़कर उन्हें पराजित किया था।

नए राजनीतिक समीकरण से बढ़ेगा भाजपा का तनाव

झारखंड विधानसभा के चुनाव के मद्देनजर नए राजनीतिक समीकरण से भाजपा का तनाव बढ़ सकता है। सरयू राय लंबे समय तक भाजपा में रहे हैं और दल से विविध कारणों से नाराज चल रहे कई नेता उनके सीधे संपर्क में हैं। ऐसे भी कई नेता उनके साथ हैं, जिन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान नजरंदाज किया गया। नया राजनीतिक समीकरण इन्हें आकर्षित कर सकता है। संभावना जताई जा रहे हैं कि ऐसे नेता सरयू राय के साथ खड़े हो सकते हैं। सरयू राय ने अगर भाजपा में सेंधमारी की तो दल के नेताओं का तनाव बढ़ सकता है। अगले सप्ताह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का प्रवास तय है। वे प्रदेश भाजपा की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने आ रहे हैं।

हेमंत सोरेन से मुलाकात पर भी उड़ी नींद

पटना जाने के पूर्व सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की थी। इस दौरान हेमंत सोरेन की पत्नी विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित थीं। दोनों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। हालांकि सरयू राय ने इसे निहायत औपचारिक मुलाकात बताया था, लेकिन सियासी गलियारे में इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि रघुवर दास के विरुद्ध जब सरयू राय निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे तो हेमंत सोरेन ने उनका समर्थन किया था। सरयू राय ने भी उनके लिए दुमका जाकर चुनाव प्रचार किया था।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।