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अधिक वजन के कारण विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक 2024 में अयोग्य घोषित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली. विनेश फोगाट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. सूत्र के अनुसार फाइनल से पहले विनेश फोगाट का अधिक था,जिसके कारण उन्हें फाइनल से पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया है. सूत्रों के अनुसार 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण फोगाट को फाइनल खेलने से वंचित कर दिया गया है. बता दें कि हरियाणा की 29 वर्ष की विनेश ने क्यूबा की युसनेलिस गुजमैन लोपेज को 5 – 0 से हराकर पेरिस ओलंपिक में महिला कुश्ती स्पर्धा के 50 किलोवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने की ओर कदम रखा था.

सूत्र के अनुसार बताया कि पहलवान का वजन अनुमानित सीमा से लगभग 100 ग्राम अधिक था, जिसके कारण उसे अयोग्य घोषित किया गया. प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, फोगाट (Vinesh Phogat) सिल्वर मेडल के लिए भी पात्र नहीं होंगी और 50 किलोग्राम में केवल गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल विजेता ही भाग लेंगे. इसको लेकर बाद में आधिकारिक घोषणा किया जाएगा. बता दें कि मंगलवार के मुकाबलों के लिए वजन तय किय किया था. लेकिन नियम के अनुसार, पहलवानों को प्रतियोगिता के दिनों में अपने वजन वर्ग में ही रहना होता है. विनेश पहली बार 50 किलो ग्राम वर्ग में खेल रही हैं, इससे पहले वो 53 किलो ग्राम वर्ग में हिस्सा लेती थी.  सूत्रों ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने उसे शेष 100 ग्राम वजन कम करने के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया, लेकिन अभी इसके बारे में आगे जानकारी नहीं आ पाई है. बता दें कि विनेश फोगाट ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला एथलीट बनी थी.

विनेश के लिए यह टूर्नामेंट शानदार था. उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए अब तक अपराजेय मौजूदा चैम्पियन युई सुसाकी को शिकस्त देने के बाद यूक्रेन की ओक्साना लिवाच को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी .इसी लय को कायम रखते हुए उन्होंने लोपेज को 5-0 के अंतर से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया  था. विनेश फोगाट का फाइनल में मुकाबला यूएसके की सारा हिल्डेब्रांड से होना था.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।