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चाकूबाजी में घायल 10वीं के हिन्दू छात्र देवराज की उपचार के दौरान मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जयपुर. उदयपुर में दसवीं के छात्र द्वारा चाकू मारने से घायल हुए छात्र देवराज की मौत हो गई है. घटना के बाद देवराज का अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां आज उसने एमबी अस्पताल में दम तोड़ दिया है. इसके बाद अस्पताल का एक दरवाजा बंद कर दिया गया. छात्र देवराज की मौत के बाद अस्पताल के बाहर कलेक्टर एसपी समेत भारी पुलिस बल तैनात है. अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इससे पहले घटना के मद्देनजर बाद भड़के सांप्रदायिक तनाव के बीच जिले के कई इलाकों में रविवार को भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं. छात्र के परिजन समेत बड़ी संख्या में लोग रविवार को यहां मुखर्जी नगर चौक पर एकत्र हुए और उन्होंने महाराणा भूपाल राजकीय अस्पताल तक रैली निकाली. उन्होंने उन्हें अस्पताल में घायल छात्र से मिलने नहीं दिए जाने का आरोप लगाया था.

उदयपुर पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने कहा, “बाजार खुले हैं लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए रविवार को भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रही. इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.” पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया था और उसे किशोर गृह भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि आरोपी के पिता को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. बता दें कि शुक्रवार 16 अगस्त को दसवीं के छात्र ने अपने सहपाठी को चाकू घोंप दिया था, जिसके बाद से सांप्रदायिक तनाव के बीच जिले के कई इलाकों में शुक्रवार रात से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं. अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने जेसीबी की मदद से आरोपी छात्र का घर ढहा दिया. इस कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।