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कंगना रनौत ने नितिन गडकरी को फोन कर किया रोपवे प्रोजेक्ट का विरोध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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शिमला. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में बिजली महादेव रोपवे (Bijli Mahadev Ropeway) का विरोध कर रहे ग्रामीणों को कंगना रनौत का साथ मिला है. मंडी से भाजपा सांसद कंगना ने भी बिजली महादेव रोपवे का विरोध किया है. कुल्लू दौरे के दौरान कंगना (Kangana Ranaut) ने चंसारी पंचायत में आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में शिरकत की और स्कूल के निर्माण का जायजा लिया. सांसद कंगना रनौत ने  बिजली महादेव और देवता माहूटी नाग से सिर झुका कर आशीर्वाद लिया. उधर, देवता के कारकूनों ने सांसद कंगना रनौत को देवता की चादर भेंट की.

कंगना रनौत ने कहा कि आप लोगों ने मुझे वोट देकर चुनकर संसद में भेजा और इसके लिए मैं आप सभी का आभार प्रकट करती हूं. उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र में लोगों के बहुत काम हैं, जो करने हैं. उन्होंने कहा कि संसद की स्थिति ऐसी है कि एक अनार सौ बीमार और बजट का हमेशा अभाव रहता है. कंगना ने कहा कि बिजली महादेव रोपवे का जो मामला है, उसे लेकर मैं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी से बात भी की थी. उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोपवे के लिए सॉयल  सैंपल लेने टीम आई थी. लेकिन उसके बाद काम बंद है. देवता के जो आदेश है, वह सर्वोपरी  हैं और ऐसे में स्थानीय लोकल एमएलए  से लेकर कुछ लोग अपनी निजी स्वार्थ के लिए भी इसका निर्माण कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति है तो मैं फिर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पास जाऊंगी और उनसे बात करूंगी. उन्होंने कहा कि जो देवता नहीं चाहते हैं तो हमें भी वह काम नहीं करना चाहिए. आधुनिककरण अपनी जगह है, लेकिन हमारे समाज में देवताओं का आदेश सर्वोपरि हैं. उन्होंने कहा कि इसके अलावा ख़राहल घाटी के लिए सिंचाई पेयजल  की योजना को लेकर भी केंद्र सरकार से समक्ष आवाज उठाऊंगी.

साभार : न्यूज़18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।