शनिवार, सितंबर 19 2026 | 10:33:38 AM

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए भाजपा ने घोषित किये चुनाव अधिकारी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. सदस्यता अभियान के अंतिम दौर में पहुंचने के साथ ही भाजपा में संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस सिलसिले में भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने के.लक्ष्मण को राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है। उनके साथ नरेश बंसल, रेखा वर्मा और संबित पात्रा राष्ट्रीय सह चुनाव अधिकारी होंगे। चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति के बाद जल्द ही संगठनात्मक चुनावों की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।

राज्यों में अध्यक्ष के बाद होगा राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

आधे से अधिक राज्यों में अध्यक्ष के चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। ध्यान देने की बात है कि मंगलवार को भाजपा के सदस्यता अभियान के दो चरण पूरे हो चुके हैं और अब बुधवार से सक्रिय सदस्य बनाने का तीसरा चरण शुरू होने जा रहा है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा।

कब होगा बूथ कमेटियों का गठन?

सदस्यता अभियान के पूरा होने के बाद बूथ कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसके बाद जिला अध्यक्षों और फिर राज्य अध्यक्षों का चुनाव होगा। भाजपा के संविधान के अनुसार राज्यों के अध्यक्ष राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चुनाव करेंगे, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनेंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने में दो-तीन महीने का समय लग सकता है।

जनवरी में हो सकता है चुनाव

माना जा रहा है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव जनवरी में हो पाएगा। चुनाव वाले चार राज्यों जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में सदस्यता अभियान बाद में शुरू होगा। इस कारण यहां संगठनात्मक चुनाव भी देर शुरु होंगे। इन चार राज्यों को छोड़कर भाजपा ने 10 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा था और पहले चरण में 25 सितंबर तक ही छह करोड़ सदस्य बनाने में सफल रही थी।

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जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे आंकड़े

दूसरे चरण में बने सदस्यों के आंकड़े अगले एक-दो दिन में सार्वजनिक किये जा सकते हैं। चुनाव वाले राज्यों को मिलाकर भाजपा इस बार 12-13 करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।