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हरियाणा में तीन दिवसीय तबलीगी जमात का जलसा शुरू

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. हरियाणा के फिरोजपुर झिरका में तब्लीगी जमात के तीन दिवसीय जलसे के 19 अप्रैल शनिवार को शुरू होने के साथ ही जिला प्रशासन ने भी व्यापक प्रबंध किए हैं। जलसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ी, एंबुलेंस खड़ी करने के साथ- साथ डॉक्टरों एवं पैरा-मेडिकल स्टाफ को भी तैनात किया गया है। फिरोजपुर झिरका में 19 से 21 अप्रैल तक आयोजित किए जा रहे तब्लीगी जमात के जलसे के लिए जलसा प्रबंधन समिति ने उपायुक्त नूंह विश्राम कुमार मीणा, एसपी विजय प्रताप के साथ मीटिंग करने के साथ- साथ एसडीएम फिरोजपुर झिरका लक्ष्मीनारायण, डीएसपी अजायब सिंह के साथ बैठक कर जलसा के लिए प्रशासनिक सहयोग मांगा था।

जलसा प्रबंधन समिति की ओर से मांगे गए सहयोग के बाद सिविल सर्जन नूंह डॉ. सर्वजीत थापर ने जलसा स्थल पर एंबुलेंसों को भेजने के साथ-साथ डाक्टरों एवं पैरामैडि़ल स्टाफ तैनात किया। जलसा स्थल पर आने वाले लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों द्वारा उनको निःशुल्क दवाईयां भी वितरित की जा रही हैं।

पीने के पानी व्यवस्था

जलसा स्थल पर पीने के पानी की जलसा प्रबंधन समीति ने पर्याप्त सुविध की हुई है। जगह- जगह पर पानी की बोतलों की स्टालें लगवाई हुई हैं। पानी के टैंकरों की अलग से व्यवस्था की हुई है। जबकि काफी जगहों पर लोगों ने कोल्ड़ ड्रिंक्स एवं अन्य सामान की व्यवस्था की हुई है। ताकि जलसा में शामिल होने वाले लोगों को गर्मी के मौसम में प्यास की समस्या का सामना न करना पडे।

निजी अस्पतलों ने लगाए स्वास्थ्य शिविर

जलसा स्थल पर हरियाणा एवं राजस्थान के कुछ बड़े प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों ने भी नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर एवं आपातकालीन कक्ष खोले हुए हैं। इनमें भी वे बीमार लोगों की जांच कर निशुल्क दवाईयां वितरित कर रहे हैं। ताकि जलसा में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पडे।

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कूलरों पंखों की व्यवस्था

इस समय गर्मी चरम पर है। पारा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसी भयंकर गर्मी में तब्लीगी जमात के जलसे में लाखों लोग शिरकत कर रहे हैं। इन लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए जलसा प्रबंधन समिति ने कूलरों एवं पंखों की व्यवस्था की है। इन कूलरों को रात्रि में विद्युत प्रकाश के लिए हैं कई बड़े जैनरेटर भी सेट किए गए हैं, ताकि गर्मी के मौसम में किसी तरह की समस्या न आए।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।