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नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में मिला लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा को प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई है। एक सरकारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता हैं नीरज

रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग द्वारा 13 मई को अधिसूचना जारी की गई। हरियाणा के पानीपत के पास खंडरा गांव के रहने वाले 27 वर्षीय भाला फेंक एथलीट ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीता था। पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्होंने रजत पदक जीता।

भारतीय सेना में सूबेदार मेजर थे नीरज

नीरज भारतीय सेना में सूबेदार मेजर थे। पीटीआई ने बताया कि वह इस साल सेवानिवृत्त होने वाले थे। अधिसूचना में कहा गया है, ‘प्रादेशिक सेना विनियम 1948 के पैरा-31 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति हरियाणा के पानीपत के गांव और डाकघर खंडरा के पीवीएसएम, पद्मश्री, वीएसएम पूर्व सूबेदार मेजर नीरज चोपड़ा को 16 अप्रैल 2025 से प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद प्रदान करती हैं।’

धोनी भी हैं लेफ्टिनेंट कर्नल

नीरज मौजूदा विश्व चैंपियन हैं जिन्होंने हंगरी के बुडापेस्ट में 2023 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी को 2011 में प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद दिया गया था।

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डायमंड लीग प्रतियोगिता के दोहा चरण में हिस्सा लेंगे नीरज

स्टार भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा 16 मई को प्रतिष्ठित डायमंड लीग प्रतियोगिता के दोहा चरण में तीन अन्य हमवतन खिलाड़ियों के साथ हिस्सा लेंगे। यह किसी डायमंड लीग प्रतियोगिता में भारत के सबसे अधिक प्रतिभागी हैं। 2023 (88.67 मीटर) में खिताब जीतने और 2024 (88.36 मीटर) में दूसरे स्थान पर रहे नीरज पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में किशोर जेना के साथ हिस्सा लेंगे।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।