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पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट पर पानी खत्म, वॉशरूम में भी नहीं आ रहा : हिना ख्वाजा बयात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में बुधवार (28 मई 2025) को यौम-ए-तकबीर मनाया है. इस दिन पाकिस्तान न्यूक्लियर पावर देश बना था, जिस वजह से इस दिन यहां कई बड़े-बड़े कार्यक्रम होते हैं. पाकिस्तान खुद के मुंह चाहे अपनी कितनी भी तारीफ कर ले, लेकिन पड़ोसी मुल्क की ही अभिनेत्री हिना ख्वाजा बयात ने वहां की व्यवस्था की पोल खोल दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर दुनियाभर को बताया कि पाकिस्तान के कराची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पानी तक नहीं है.

वॉशरूम में पानी नहीं तो एक्ट्रेस ने पूछा सवाल?

पाकिस्तानी एक्ट्रेस ने कहा, “आज यौम-ए-तकबीर है. मैं यहां कराची इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ी हूं. जिस दिन हमें पाकिस्तान की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहिए मैं देख रही हूं कि यहां किसी भी वॉशरूम में पानी नहीं है. लोग नमाज अदा करना चाहते हैं, माता-पिता अपने बच्चों को वॉशरूम ले जा रहे हैं, लेकिन वहां पानी ही नहीं है. उन्होंने शहबाज सरकार से सवाल पूछा कि हमारे संस्थानों और सिस्टम का ये हाल क्यों हो गया है?” एक्ट्रेस हिना ख्वाजा ने कहा, “कोई इस चीज को मानने के लिए राजी नहीं है कि ये गलितयां हैं और इन्हें ठीक करनी की जरूरत है. बड़े प्रोजक्ट्स बन रहे हैं, नई-नई ट्रेनों की बात हो रही है, लेकिन इंटरनेशनल एयपोर्ट के बाथरूम में पानी नहीं है ये अपसोस की बात है.”

यौम-ए-तकबीर को लेकर देशभर में कार्यक्रम

पाकिस्तान ने 28 मई 1998 को बलूचिस्तान प्रांत के सुदूर चगाई पर्वतीय क्षेत्र में खोदी गई एक गहरी सुरंग के अंदर छह परमाणु परीक्षण किए थे. यह भारतीय सेना के पोखरण परीक्षण रेंज में भारत की ओर से किए गए परमाणु परीक्षणों के जवाब में उसी महीने किया गया था. यौम-ए-तकबीर (महानता का दिन) के उपलक्ष्य में शहबाज सरकार ने देश भर में कई कार्यक्रम किए, लेकिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पानी जैसे जरूरी चीजें उपलब्ध नहीं करवा पा रही है. यौम-ए-तकबीर के अवसर पर राष्ट्र को बधाई देते हुए राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अलग-अलग संदेशों में पाकिस्तान की खूब तारीफ की, लेकिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से लोग वंचित हैं.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।