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राष्ट्रपति ने 15 पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उत्कृष्ट नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया। इस वर्ष, विभिन्न क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की 15 नर्सों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने में उनकी अनुकरणीय सेवा और समुदाय के कल्याण को प्रोत्साहन देने के लिए उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए सम्मानित किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव और श्रीमती अनुप्रिया पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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श्री जे.पी. नड्डा ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए, कहा कि, “यह सुयोग्य सम्मान मानवता की सेवा के प्रति आपके समर्पण का उत्सव मनाता है और आपको सकारात्मक प्रभाव करने के लिए प्रेरित करेगा।” उन्होंने आगे कहा कि, “हमारी नर्सें भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का आधार हैं, जो हर दिन अनगिनत लोगों का जीवन बचाती हैं।”

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार, नर्सिंग पेशे को परिभाषित करने वाले समर्पण, करुणा और दृढ़ता का सम्मान करता है। ये प्रतिष्ठित पुरस्कार पंजीकृत नर्सों, दाइयों, सहायक नर्स दाइयों और केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वैच्छिक संगठनों में सेवारत महिला स्वास्थ्य आगंतुकों को प्रदान किए जाते हैं। प्रत्येक पुरस्कार में योग्यता प्रमाणपत्र, 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार और इन स्वास्थ्य योद्धाओं द्वारा प्रदान की गई अमूल्य सेवा के लिए राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक एक पदक सम्मिलित है।

आज सम्मानित की गई नर्सों का विवरण निम्नलिखित है:

क्रमांकवर्गनामराज्य
1एएनएमश्रीमती रेबा रानी सरकारअंडमान और निकोबार
2एएनएमश्रीमती वलिवेती सुभावतीआंध्र प्रदेश
3एएनएमश्रीमती सरोज फकीरभाई पटेलदादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
4एएनएमश्रीमती रजिया बेगम पीबीलक्षद्वीप
5एएनएमश्रीमती सुजाता अशोक बागुलमहाराष्ट्र
6एलएचवीश्रीमती बीना पाणि डेकाअसम
7नर्सश्रीमती किजुम सोरा कारगाअरुणाचल प्रदेश
8नर्समिस डिपंल अरोड़ादिल्ली
9नर्समेजर जनरल शीना पी.डी.दिल्ली
10नर्सडॉ. बानू एमआरकर्नाटक
11नर्सश्रीमती लेइमापोकपम रंजीता देवीमणिपुर
12नर्सश्रीमती वी. लालहमंगईहीमिजोरम
13नर्सश्रीमती एल.एस. मणिमोझीपुदुचेरी
14नर्सश्रीमती अलामेलु मंगयारकरसी केतमिलनाडु
15नर्सश्रीमती डोली बिस्वासपश्चिम बंगाल

 

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने पूरे देश में नर्सिंग और मिडवाइफरी पेशे को सशक्त करने के लिए परिवर्तनकारी कदम उठाए हैं। हाल ही में राष्ट्रीय नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग अधिनियम नर्सिंग शिक्षा और विनियामक ढांचे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ 157 नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना एक कुशल और सक्षम नर्सिंग कार्यबल के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये पहल सामूहिक रूप से एक सशक्त स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करती हैं, जो एक अच्छी तरह से लैस और सशक्त नर्सिंग कार्यबल के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करती हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।