रविवार, सितंबर 20 2026 | 10:36:44 PM

लालू प्रसाद यादव 13वीं बार बने आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके संस्थापक लालू प्रसाद यादव को फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. पार्टी के संगठन चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी रामचंद्र पूर्वे ने बताया कि लालू यादव एकमात्र उम्मीदवार थे, जिन्होंने एक दिन पहले अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था और जांच के दौरान वह सही पाया गया. रामचंद्र पूर्वे ने कहा कि औपचारिक घोषणा पांच जुलाई को यहां की जाएगी, जब पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी. परिषद की बैठक में लालू प्रसाद को निर्वाचन का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा.

आरजेडी पर एक परिवार का नियंत्रण

इस बीच, बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने मुख्य विपक्षी दल पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि लालू यादव के दोबारा निर्वाचित होने से यह साबित हो गया है कि 28 साल पुराने आरजेडी पर एक परिवार का नियंत्रण है.

जेडीयू ने भी साधा निशाना

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने एक बयान में आरोप लगाया कि आरजेडी प्रमुख के बेटे और उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव राजनीति में नैतिकता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उपदेश देना पसंद करते हैं, लेकिन उनमें और उनके परिवार में नैतिकता का स्पष्ट अभाव नजर आता है.

आरजेडी ने राजतंत्र स्थापित किया

उपमुख्यमंत्री और पूर्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लालू प्रसाद यादव के 13वीं बार फिर से अध्यक्ष निर्वाचित होने के साथ ही आरजेडी ने राजतंत्र स्थापित कर दिया है. स्पष्ट है कि पार्टी को केवल उनकी और उनके परिवार की जरूरत है तथा उसे दलितों, पिछड़ों और अगड़ी जातियों की कोई परवाह नहीं है.

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साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।