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खेती में स्पेस टेक्नोलॉजी का प्रयोग सिखाएगा इसरो, शुरू करेगा नया कोर्स

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. अब आप खेती-किसानी वाले परिवार से आते हैं और टेक्नोलॉजी के साथ जुड़कर इस फील्ड में कुछ बेहतर करना चाहते हैं, तो इस असवर का लाभ उठाइए। आपके पास एग्रीकल्चर को स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ने का मौका है। जी हां, इसरो (ISRO) एक नया कोर्स शुरू करने जा रहा है। इसरो ने IN-SPACe और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर एक खास शॉर्ट टर्म कोर्स लॉन्च किया है। जिसमें बताया जाएगा कि कैसे सैटेलाइट और रिमोट सेंसिंग जैसी स्पेस तकनीक का उपयोग खेती को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।

कोर्स के बारे में डिटेल्स

  • देश में पहली बार अंतरिक्ष तकनीक को खेती से जोड़ने वाला ऐसा कोर्स शुरू किया जा रहा है। आवेदन की आखिरी तारीख 11 जुलाई है। यह कोर्स 27 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी में चलेगा।
  • इस कोर्स का नाम ‘Essentials of Space Technology in Agriculture’ है। यह कोर्स खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जो सैटेलाइट और स्पेस एप्लिकेशन से खेती को कैसे स्मार्ट और वैज्ञानिक बनाया जा सकता है? इसके बारे में यह जानना के इच्छुक और योग्य हैं।
  • यह कोर्स पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को एक क्विज में शामिल होना होगा। सफल प्रतिभागियों को ISRO की ओर से सर्टिफिकेट दिया जाएगा, जिसका फायदा उन्हें भविष्य में नौकरी या रिसर्च में मिलेगा।

कोर्स के लिए कौन कर सकता है आवेदन?

यह कोर्स शिक्षाविदों, इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स, ग्रेजुएट्स और पोस्टग्रेजुएट्स के लिए खुला है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी भी क्षेत्र में खेती और टेक्नोलॉजी को लेकर दिलचस्पी रखते हैं, तो आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि फाइनल ईयर के छात्र इस कोर्स के लिए आवेदन करने की पात्रता नहीं रखते हैं।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और शुल्क

इस कोर्स में शामिल होने के लिए सबसे पहले आपको Bharatkosh.gov.in पर 15,000 रुपये की फीस जमा करनी होगी। इसके बाद भुगतान की रसीद डाउनलोड करके IN-SPACe के पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

IN-SPACe की ऑफिशियल वेबसाइट inspace.gov.in पर लॉगिन करें
Opportunities > Explore the Opportunities and Apply > Register for Short-Term Course on Essentials of Space Technology in Agriculture पर जाएं
इसके बाद मांगी गई सभी डिटेल्स दर्ज करके फॉर्म भरें।
अब फीस भुगतान की रसीद अपलोड करें और सबमिट करें।

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जरूरी बात

इस कोर्स के लिए प्रतिभागियों का चयन IN-SPACe द्वारा किया जाएगा। इसलिए कन्फर्मेशन ईमेल आने के बाद की किसी तरह की तैयारी करें। अगर आप बारे में और भी डिटेल्स जानना चाहते हैं या किसी तरह की मदद चाहिए, तो इस ईमेल एड्रेस पर [email protected] पर मेल कर सकते हैं।

किसे होगा फायदा?

यह कोर्स उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जो खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर देश की उन्नति में योगदान देना चाहते हैं। खासतौर पर वे लोग जो सैटेलाइट डेटा, क्लाइमेट चेंज और एग्रीकल्चर इनोवेशन पर काम कर रहे हैं। इन लोगों लिए यह कोर्स नई रास्ते खोल सकता है।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।