लोड हो रहा है...

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद भारत अमेरिका से नहीं खरीदेगा एफ 35 लड़ाकू विमान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर लगातार चर्चा जारी है। हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, ये टैरिफ 7 अगस्त से लागू होंगे। हालांकि, इस बीच भारत की ओर से भी बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अमेरिका के F-35 लड़ाकू विमान को खरीदने से इनकार कर दिया है।

भारत ने अमेरिका से क्या कहा?

ब्लूमबर्ग ने अधिकारियों के हवाले से जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिकी प्रोडक्ट्स की खरीद में तेजी लाने पर विचार करने के बावजूद भारत सरकार द्वारा अमेरिका से एडिशनल डिफेंस प्रोडक्ट्स खरीदने की संभावना नहीं है। ब्लूमबर्ग की ओर से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को सूचित कर दिया है कि वह F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने का इच्छुक नहीं है।

भारत ने क्यों ठुकराई F-35 की पेशकश?

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2025 में अमेरिका की यात्रा की थी और व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इस दौरान ट्रंप ने भारत को F-35 लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया है कि भारत सरकार घरेलू स्तर पर रक्षा उपकरणों के संयुक्त डिजाइन और निर्माण पर केंद्रित पार्टनरशिप में ज्यादा रुचि रखती है। भारत के रक्षा मंत्रालय ने अब तक इस बारे में जवाब नहीं दिया है।

ट्रंप ने भारत के खिलाफ क्या कदम उठाया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अगस्त से भारत से आयातित उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की। ट्रंप ने रूस से आयात करने के लिए भारत पर दंडात्मक उपाय के तौर पर जुर्माना लगाने की भी घोषणा की, यह 25 प्रतिशत शुल्क से अलग होगा। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने भारत के साथ अपेक्षाकृत ‘कम व्यापार’ किया है क्योंकि उसके शुल्क बहुत ज्यादा हैं। ट्रंप ने आगे कहा- “भारत ने हमेशा अपने सैन्य उपकरणों का बड़ा हिस्सा रूस से खरीदा है, और चीन के साथ रूस के ऊर्जा के सबसे बड़े खरीदार हैं, जबकि हर कोई चाहता है कि रूस यूक्रेन में हत्याएं बंद करे।”

- Advertisement -

टैरिफ पर भारत ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाए जाने के बाद केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को संसद में इस बारे में बयान दिया है। पीयूष गोयल ने कहा है कि टैरिफ के प्रभावों का आकलन किया जा रहा है और राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने और आगे बढ़ाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पीयूष गोयल ने संसद में कहा कि मोदी सरकार किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों, निर्यातकों, एमएसएमई तथा उद्योग जगत के सभी हितधारकों की रक्षा और संवर्धन को सर्वोच्च महत्व देती है।

साभार : इंडिया टीवी

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।