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चुनाव आयोग ने 334 आरयूपीपी को सूची से हटाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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  1. देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्यीय/आरयूपीपी) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1955 की धारा 29ए के प्रावधानों के अंतर्गत चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत हैं।
  2. वर्तमान में, चुनाव आयोग के साथ 6 राष्ट्रीय दल, 67 प्रादेशिक दल और 2854 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) पंजीकृत हैं। (अनुलग्नक: राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों की सूची)
  3. राजनीतिक दलों के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देशों में उल्लेख किया गया है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा।
  4. इसके साथ ही, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के अनुसार, दलों को पंजीकरण के समय नाम, पता, पदाधिकारी आदि जैसे विवरण देने होंगे और किसी भी तरह के बदलाव की जानकारी बिना किसी देरी के आयोग को देनी होगी।
  5. इससे पहले, जून 2025 में, भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उपरोक्त शर्तों के अनुपालन के संबंध में 345 आरयूपीपी की सत्यापन जांच करने का निर्देश दिया था।
  6. मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने जांच की, इन आरयूपीपी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए और प्रत्येक पक्ष को व्यक्तिगत सुनवाई कर जवाब देने और अपना विषय प्रस्तुत करने का मौका दिया।
  7. इसके बाद, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर, कुल 345 आरयूपीपी में से 334 आरयूपीपी उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं करते पाए गए। बाकी विषयों को दोबारा सत्यापन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को वापस भेज दिया गया है।
  8. आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, 334 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया है (लिंक: https://www.eci.gov.in/list-of-political-parties)। अब, कुल 2854 में से 2520 आरयूपीपी शेष हैं। सूची से हटाने की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की चुनावी प्रणाली को स्वच्छ बनाने की एक व्यापक और सतत रणनीति का हिस्सा है।
  9. ये आरयूपीपी अब आयकर अधिनियम, 1961 और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29बी और धारा 29सी के प्रावधानों के अंतर्गत कोई लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगे। इस आदेश से व्यथित कोई भी पक्ष आदेश के 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील दाखिल कर सकता है।

अनुलग्नक

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल

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क्रम संख्याराजनीतिक दल का नाम
1आम आदमी पार्टी
2बहुजन समाज पार्टी
3भारतीय जनता पार्टी
4भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
5भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6नेशनल पीपुल्स पार्टी

मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दल

क्रम संख्याराजनीतिक दल का नामक्रम संख्याराजनीतिक दल का नाम
1एजेएसयू पार्टी2ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
3ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक4ऑल इंडिया मजलिस–ए–इत्तेहादुल मुस्लिमीन
5ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस6ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस
7ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट8अपना दल (सोनेलाल)
9असम गण परिषद10भारत आदिवासी पार्टी
11भारत राष्ट्र समिति12बीजू जनता दल
13बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट14सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम
15भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी16भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (लिबरेशन)
17देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम18द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
19गोवा फॉरवर्ड पार्टी20हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
21इंडियन नेशनल लोक दल22इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
23इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा24जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस
25जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी26जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
27जनसेना पार्टी28जनता दल (सेक्युलर)
29जनता दल (यूनाइटेड)30जननायक जनता पार्टी
31जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)32झारखंड मुक्ति मोर्चा
33केरल कांग्रेस34केरल कांग्रेस (एम)
35लोक जनशक्ति पार्टी36लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास)
37महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना38महाराष्ट्रीय गोमांतक
39मिजो नेशनल फ्रंट40नाम तमिलर कत्ची
41नागा पीपुल्स फ्रंट42राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
43राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार44राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी
45पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट46पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल
47राष्ट्रीय जनता दल48राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
49राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी50रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले)
51रिवॉल्यूशनरी गोवन्स पार्टी52रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
53समाजवादी पार्टी54शिरोमणि अकाली दल
55शिवसेना56शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
57सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट58सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा
59तेलुगु देशम पार्टी60टिपरा मोथा पार्टी
61यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी62यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल
63विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची64वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी
65युवजन श्रमिक रैतु कांग्रेस पार्टी66जोरम नेशनलिस्ट पार्टी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।