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05 एक्स डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (डीएससी) परियोजना के तीसरे जहाज, डीएससी ए22 (यार्ड 327) का जलावतरण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मैसर्स टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल), कोलकाता द्वारा  भारतीय नौसेना के लिए  निर्मित 05x डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (डीएससी) परियोजना के तीसरे पोत ‘डीएससी ए22’ का  12 सितंबर, 2025 को  टीटागढ़, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में जलावतरण किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल सूरज बेरी ने की। नौसेना की समुद्री परंपरा का पालन करते हुए, श्रीमती कंगना बेरी ने पोत का जलावतरण किया।

रक्षा मंत्रालय और मैसर्स टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल), कोलकाता के बीच 12 फरवरी, 2021 को 5 डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट (डीएससी) के निर्माण हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।  इन जहाजों को तटीय जल में गोताखोरी कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है और इन्हें अत्याधुनिक गोताखोरी उपकरणों से सुसज्जित किया जा रहा है। ये कटमरैन पतवार वाले जहाज हैं। इसका विस्थापन लगभग 380 टन है।

इन जहाजों का भारतीय नौवहन रजिस्टर (आईआरएस) के संगत नौसेना नियमों और विनियमों के तहत देश में डिज़ाइन और निर्माण किया गया है। डिज़ाइन चरण के दौरान जहाजों का हाइड्रोडायनामिक विश्लेषण/मॉडल परीक्षण नौसेना विज्ञान एवं तकनीकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल), विशाखापत्तनम में किया गया था। ये जहाज भारत सरकार (जीओआई)/रक्षा मंत्रालय (एमओडी) की मेक इन इंडिया पहल के अग्रणी हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।