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असम राइफल्स के काफिले पर मणिपुर में हमला, 2 जवानों का बलिदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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इंफाल. मणिपुर में एक बार फिर अर्धसैनिक बल को निशाना बनाया गया है। बिष्णुपुर जिले में हथियारबंद लोगों के एक समूह ने शुक्रवार शाम असम राइफल्स के वाहन पर हमला कर दिया। इस घटना में असम राइफल्स के दो जवानों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। मृतकों में एक जेसीओ भी शामिल है।

नांबोल सबल लेइकाई में हुआ हमला

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना जिले के नांबोल सबल लेइकाई इलाके में शाम करीब छह बजे हुई। एक अधिकारी ने बताया, “बंदूकधारियों के एक समूह ने उस वाहन पर घात लगाकर हमला किया, जिससे असम राइफल्स के जवान इंफाल से बिष्णुपुर जिले की ओर जा रहे थे। हमले में 2 जवान की मौत हो गई और 2 अन्य घायल हो गए।”  एक अन्य अधिकारी ने बताया कि घायल जवानों को पुलिस और स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

सफ़ेद वैन में सवार होकर भागे आतंकवादी

एक सीनियर सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जिस जगह पर हमला हुआ वह व्यस्त सड़क थी और उस पर वाहनों की आवाजाही हो रही थी। असम राइफल्स के जवानों के वाहन पर हमला करने के बाद आतंकवादी एक सफ़ेद वैन में सवार होकर भाग निकले। जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए संयम बरता ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है: वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी

गुवाहाटी स्थित रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को शाम लगभग 5:50 बजे, 33 असम राइफल्स के जवानों की एक टुकड़ी अपने पटसोई कंपनी ऑपरेटिंग बेस से नाम्बोल कंपनी ऑपरेटिंग बेस की ओर जा रही थी। मणिपुर के गैर-अधिसूचित क्षेत्र, नाम्बोल सबल लेइकाई में, इस टुकड़ी पर हाईवे पर अज्ञात आतंकवादियों ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और 5 घायल हो गए, जिन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। अभी तक किसी भी समूह ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। घटना में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।