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एनएसए अजित डोभाल के निमंत्रण पर बांग्लादेश के सुरक्षा सलाहकार आएंगे भारत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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ढाका. बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) खलील-उर-रहमान जल्द ही भारत का रुख करेंगे। इस दौरान वो भारतीय महासागर क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 20 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भारतीय महासागर के 5 देशों के बीच होने वाली इस कॉन्फ्रेंस को कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन का नाम दिया गया है। भारतीय NSA अजीत डोभाल भी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। बंगाली अखबार प्रोथोम अलो के अनुसार, डोभाल ने ही खलील को भारत आने का निमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।

चुनाव और जनमत संग्रह एक साथ होंगे

बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को घोषणा की थी कि देश में चुनाव तय समय पर ही होगा। साथ ही जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह भी निर्धारित समय पर ही करवाया जाएगा। यूनुस के अनुसार, यह फैसला सलाहकार समिति की बैठक में लिया गया है। यूनुस ने आगे कहा- सभी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया गया है कि चुनाव और जनमत संग्रह एक ही दिन करवाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि दोनों ही चीजें फरवरी में होंगी।

फरवरी में होंगे चुनाव

जुलाई 2024 में बांग्लादेश में हिंसा भड़कने के बाद 5 अगस्त 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा था। तभी से मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की सरकार का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, अब फरवरी 2025 में बांग्लादेश में चुनाव की घोषणा की गई है, जिसमें विपक्षी नेता और पूर्व पीएम रहीं खालिदा जिया की पार्टी मजबूत नजर आ रही है।

साभार : दैनिक जागरण

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यह भी पढ़ें : 1857 का स्वातंत्र्य समर : कारण से परिणाम तक

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।