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6 दिसंबर 2025 को वक्फ संपत्तियों की जानकारी अपलोड करने के लिए उम्मीद पोर्टल बंद कर दिया गया: किरेन रिजिजू

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू द्वारा भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन के लिए 6 जून 2025 को शुरू किया गया केंद्रीय पोर्टल उम्मीद भारत के माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के स्‍पष्‍ट निर्देशों और उम्‍मीद अधिनियम, 1995 के अनुसार 6 माह की विंडो पूरी होने पर आधिकारिक तौर पर 6 दिसंबर 2025 (शनिवार) को अपलोड के लिए बंद कर दिया गया।

अंतिम गणना में, समय सीमा नजदीक आते ही गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। कई समीक्षा बैठकों, प्रशिक्षण कार्यशालाओं और सचिव स्तर तक के उच्च-स्तरीय हस्तक्षेपों ने इस प्रक्रिया में नई गति ला दी, जिससे अंतिम घंटों में अपलोड में तेजी आई।

  • पोर्टल पर 5,17,040 वक्फ संपत्तियों को शामिल किया गया
  • नामित अनुमोदकों द्वारा 2,16,905 संपत्तियों को मंजूरी दी गई
  • निर्माताओं द्वारा 2,13,941 संपत्तियां प्रस्तुत की गई हैं और समय सीमा तक प्रक्रियाधीन है
  • सत्यापन के दौरान 10,869 संपत्तियां अस्वीकृत कर दी गई

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इस व्यापक राष्ट्रीय कार्य में सहयोग प्रदान करने के लिए, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों और अल्पसंख्यक विभागों के साथ निरंतर कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए। वक्फ बोर्डों और राज्य/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को अपलोड करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली में दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर कार्यशाला भी आयोजित की गई।

राज्यों में वरिष्ठ तकनीकी और प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया और देश भर में 7 क्षेत्रीय बैठकें आयोजित की गई। तकनीकी सहायता और अपलोड के दौरान आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंत्रालय के कार्यालय में एक समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की गई।

पोर्टल के प्रारंभ होने के बाद से, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार ने 20 से अधिक समीक्षा बैठकें की और मौजूदा वक्फ संपत्तियों के विवरण को समय पर और सटीक रूप से अपलोड करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को लगातार मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और निगरानी की। इस चरण का समापन, उम्मीद फ्रेमवर्क के तहत पूरे भारत में वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता, दक्षता और एकीकृत डिजिटल प्रबंधन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।