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असम में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में भारतीय वायुसेना का सेवानिवृत्त अधिकारी गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गुवाहाटी. सीमा के उस पार भारत के दुश्मन देश पाकिस्तान को खुफिया जानकारी देने वालों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार शिकंजा कसती जा रही है. इस कड़ी में देश के अलग-अलग खासकर, बॉर्डर के इलाकों से अनेकों गिरफ्तारियां हुई है और इसका सिलसिला अब भी जारी है. ऐसा ही एक मामला असम से सामने आया है, जहां दुश्मन देश पाकिस्तान के जासूसी नेटवर्क के लिए तथाकथित तौर पर काम करने वाले एक रिटायर्ड अधिकारी को गिरफ्तार किया है. रिटायर्ड अधिकारी ने भारतीय वायुसेना को कई वर्षों तक सेवाएं दी हैं. आरोपी की पहचान तेजपुर में पटिया इलाके के रहने वाले कुलेंद्र सरमा के तौर पर हुई है, जिसको पुलिस लगातार निगरानी और शुरुआती जांच के बाद हिरासत में लिया है.

जांच पूरी होने पर पुष्टि
पुलिस सूत्रों के अनुसार कथित तौर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को भारत की संवेदनशील जानकारी देने वाले रिटायर्ड अधिकारी पर कड़ी नजर रखी जा रही थी. उस पर काफी लंबे समय से दुश्मन की जासूस एजेंसी से जुड़े होने की आशंका थी. पुलिस को रिटायर्ड अधिकारी के फोन और लैपटाप से कुछ ऐसी जानकारियां भी मिली हैं, जो काफी संदिग्ध हैं. हालांकि, पुलिस को इस बात का भी शक है कि अधिकारी ने कुछ अहम डाटा डिलीट भी किया है. गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देते हुए असम के सोनितपुर पुलिस उपाधीक्षक हरिचरण भूमिज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि एयर फोर्स के पूर्व अधिकारी का पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर उनका संदेह काफी मजबूत है, लेकिन अभी जांच पूरी होने पर ही इसकी पुष्टि हो पाएगी.

2002 में हुआ रिटायर्ड
गिरफ्तार किया गया रिटायर्ड अधिकारी सरमा तेजपुर में भारतीय वायुसेना के जूनियर वारंट ऑफिसर पद पर तैनात था. यहां पर सुखोई 30 स्क्वाड्रन के अलावा भारत के कुछ प्रमुख हवाई संसाधन उस वक्त मौजूद रहे हैं. सरमा ने 2002 रिटायरमेंट के बाद तेजपुर यूनिवर्सिटी में काम भी किया है. पुलिस के तरफ से फिलहाल सरमा के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिसके बाद शनिवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा.

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।