लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चाइनीज मांझे के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त और ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 5 फरवरी 2026 से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि चाइनीज (ग्लास-कोटेड) मांझे के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो उसे दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या (Murder) माना जाएगा।
इस निर्णय का उद्देश्य न केवल दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है, बल्कि भविष्य में ऐसे जानलेवा कृत्यों पर पूर्ण विराम लगाना भी है।
🚨 मुख्य फैसले और कार्रवाई (Key Highlights)
🔴 हत्या का मुकदमा दर्ज होगा
अब चाइनीज मांझे से हुई मौत के मामलों में दोषियों—
विक्रेता, भंडारणकर्ता और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों—
के खिलाफ IPC/BNS की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
🔴 अधिकारियों की जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने सख्त शब्दों में पूछा है कि जब चाइनीज मांझा पहले से प्रतिबंधित है, तो यह बाजार में कैसे पहुंच रहा है।
अब यदि किसी क्षेत्र में इसकी बिक्री या भंडारण पाया गया, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
🔴 राज्यव्यापी छापेमारी
पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन को
- दुकानों
- गोदामों
- थोक विक्रेताओं
पर सघन छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं।
🔴 सप्लाई चेन पर सीधा वार
कार्रवाई केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगी।
अब बड़े सप्लायर, थोक व्यापारी और संगठित नेटवर्क भी जांच के दायरे में होंगे।
⚠️ चाइनीज मांझा इतना खतरनाक क्यों है?
- यह मांझा कांच और रसायनों से कोटेड होता है
- बेहद धारदार होने के कारण
- गले, चेहरे और हाथों पर घातक कट
- बाइक सवारों की तत्काल मौत
- पक्षियों के लिए भी जानलेवा
- बिजली की लाइनों से टकराकर
- शॉर्ट सर्किट
- आग लगने का खतरा
हर साल पतंगबाजी के मौसम में यह मांझा कई निर्दोष लोगों की जान लेता रहा है।
🛑 सरकार का स्पष्ट संदेश
योगी सरकार का संदेश साफ है—
“लापरवाही नहीं, अब जिम्मेदारी तय होगी।”
अब चाइनीज मांझा बेचना, रखना या सप्लाई करना सिर्फ अपराध नहीं,
बल्कि किसी की जान जाने पर हत्या जैसा संगीन जुर्म माना जाएगा।
👥 आम जनता के लिए जरूरी अपील
- ❌ चाइनीज मांझा न खरीदें, न बेचें
- 📞 कहीं भी बिक्री या भंडारण दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
- 🛵 दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और सावधानी बरतें
- 🐦 पक्षियों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला Zero Tolerance Policy का उदाहरण है। यह कदम न सिर्फ कानून को सख्त बनाता है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देता है कि लापरवाही से किसी की जान गई तो कीमत बहुत भारी होगी।
Matribhumisamachar


