कानपुर। उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम अब अपनी बदहाली के दाग धोकर एक नए कलेवर में दुनिया के सामने आने को तैयार है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस प्रतिष्ठित मैदान के पुनरुद्धार के लिए ₹350 करोड़ के महाबजट को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत ग्रीन पार्क को ‘ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे यह अगले तीन वर्षों में मेलबर्न और लॉर्ड्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मैदानों की कतार में खड़ा नजर आएगा।
बारिश अब नहीं बनेगी बाधा: ₹45 करोड़ से सुधरेगा ड्रेनेज
स्टेडियम के कायाकल्प का पहला चरण सबसे महत्वपूर्ण समस्या ‘ड्रेनेज सिस्टम’ पर केंद्रित होगा। साल 2024 में भारत-बांग्लादेश टेस्ट मैच के दौरान ड्रेनेज की विफलता के कारण ढाई दिन का खेल बर्बाद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी किरकिरी हुई थी।
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सरकार ने इसके लिए ₹45 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है।
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अगले 18 महीनों के भीतर पूरे मैदान के नीचे अत्याधुनिक ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
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फील्ड ऑफ प्ले (FOP) को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे मूसलाधार बारिश के बाद भी मैदान कुछ ही घंटों में खेल के लिए तैयार हो सकेगा।
‘सी बालकनी’ का होगा पुनर्जन्म: बढ़ेगी दर्शक क्षमता
प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी स्टेडियम की दर्शक क्षमता को लेकर है। लंबे समय से जर्जर घोषित और 2019 से बंद पड़ी ‘सी बालकनी’ को अब पूरी तरह ध्वस्त कर नए सिरे से बनाया जाएगा।
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बजट: दूसरे चरण में इस कार्य पर ₹150 करोड़ खर्च होंगे।
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क्षमता: निर्माण के बाद स्टेडियम की कुल क्षमता बढ़कर 33,280 हो जाएगी।
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सुविधा: पुरानी सीमेंट की सीढ़ियों के दिन अब लद गए हैं; नई बालकनी में दर्शकों के बैठने के लिए आधुनिक फोल्डिंग चेयर्स लगाई जाएंगी।
क्रिकेट के नए युग की शुरुआत
यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता के अनुसार, इन बदलावों के बाद ग्रीन पार्क न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और IPL जैसे आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम होगा। जर्जर स्टैंड्स और जलभराव जैसी समस्याओं के दूर होने से यह मैदान फिर से उत्तर प्रदेश के क्रिकेट का गौरव बनेगा।
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