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कानपुर मंडी भाव: गेहूं और दालों की कीमतों में भारी उछाल, MSP के पार पहुंचे दाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. उत्तर प्रदेश की प्रमुख व्यापारिक मंडी कानपुर (चकरपुर और नौबस्ता) में आज अनाज और दलहन की कीमतों में खासी मजबूती देखी गई। मांग में बढ़ोतरी और मंडियों में सीमित आवक के चलते गेहूं का भाव सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को पार कर गया है।

अनाज बाजार: गेहूं की चमक बरकरार

आज मंडी में गेहूं (दड़ा) का कारोबार ₹2,450 से ₹2,625 प्रति क्विंटल के बीच हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि चालू सीजन में मांग तेज होने के कारण भाव ₹2,425 (MSP) से ऊपर बने हुए हैं। वहीं, मक्का का बाजार ₹2,400 के स्तर पर स्थिर बना रहा।

दलहन: आवक कम होने से अरहर-उड़द में तेजी

दालों के बाजार में अरहर और उड़द की आवक सीमित बनी हुई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है:

  • देसी चना: ₹6,550 से ₹9,750 प्रति क्विंटल।

  • मसूर (साबुत): ₹5,650 से ₹7,020 प्रति क्विंटल।

  • मटर: ₹3,900 से ₹4,000 प्रति क्विंटल के बीच कारोबार हुआ।

व्यापारियों का अनुमान है कि यदि नई फसल की आवक में देरी हुई, तो दालों की कीमतों में ₹200-₹500 प्रति क्विंटल की और तेजी आ सकती है।

तिलहन: सरसों की मांग बढ़ी

सरसों के भाव में भी गुणवत्ता के आधार पर सुधार देखा गया। बाजार में सरसों ₹5,400 से ₹6,970 प्रति क्विंटल तक बिकी। खाद्य तेलों की घरेलू मांग बढ़ने से तिलहन बाजार को सहारा मिल रहा है।

मंडी भाव एक नजर में (प्रति क्विंटल):

  • धान (सामान्य): ₹2,050 – ₹2,370

  • गेहूं (दड़ा): ₹2,450 – ₹2,625

  • सरसों: ₹5,400 – ₹6,970

  • चना (देसी): ₹6,550 – ₹9,750

  • मसूर: ₹5,650 – ₹7,020

विशेषज्ञ की सलाह: मंडी सचिवों के अनुसार, मांग और आपूर्ति के आधार पर कीमतों में दिनभर उतार-चढ़ाव संभव है। किसान भाई अपनी उपज बेचने से पहले स्थानीय मंडी समिति के कार्यालय से ताजा दरों की पुष्टि अवश्य करें।

यह भी पढ़ें :  कानपुर मंडी भाव आज: गेहूं और सरसों के दामों में बड़ा उलटफेर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।