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EPFO 3.0 का धमाका: अब 20 दिन का काम मात्र 3 दिन में, 70 लाख कर्मचारियों का PF खुद हुआ ट्रांसफर

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EPFO 3.0 डिजिटल सुधार और 72 घंटे में पीएफ क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया।

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब अपने पुराने और सुस्त ढर्रे को छोड़कर पूरी तरह डिजिटल अवतार में आ चुका है। सरकार द्वारा शुरू किए गए EPFO 3.0 अभियान ने करोड़ों नौकरीपेशा लोगों की किस्मत बदल दी है। अब न तो आपको पीएफ निकालने के लिए हफ्तों इंतज़ार करना होगा और न ही नौकरी बदलने पर पुराने दफ्तर के चक्कर काटने होंगे।

लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने हाल ही में इन सुधारों की चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। आइए जानते हैं कि EPFO 3.0 आपके जीवन को कैसे आसान बना रहा है।

⚡ 20 दिन का काम अब सिर्फ 72 घंटों में

EPFO 3.0 की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी क्लेम प्रोसेसिंग स्पीड है। एक समय था जब पीएफ का पैसा खाते में आने में 20 से 25 दिन लग जाते थे। लेकिन अब:

  • 3 दिन का लक्ष्य: 70% से अधिक क्लेम अब मात्र 3 दिनों के भीतर निपटाए जा रहे हैं।

  • ऑटो-मोड सेटलमेंट: ₹5 लाख तक के एडवांस क्लेम के लिए अब किसी अधिकारी की फिजिकल फाइल चेकिंग की जरूरत नहीं है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 3.52 करोड़ क्लेम ऑटो-मोड में सेटल किए जा चुके हैं।

  • सफलता दर: एडवांस क्लेम का 71.37% हिस्सा अब पूरी तरह से सॉफ्टवेयर द्वारा स्वतः (Automatically) प्रोसेस किया जा रहा है।

पेंशन अपडेट के लिए: pension-rules-change-india

🔄 नौकरी बदली? PF खुद-ब-खुद हो जाएगा ट्रांसफर

अक्सर कर्मचारी पुरानी कंपनी छोड़ने के बाद अपना पीएफ ट्रांसफर करना भूल जाते थे या नियोक्ता (Employer) की मंजूरी के चक्कर में फंसे रहते थे। EPFO 3.0 ने इस ‘अप्रूवल’ की जंजीर को तोड़ दिया है:

  1. No Approval Needed: यदि आपका KYC (Aadhaar, Bank, PAN) अपडेटेड है, तो अब पुराने या नए मालिक की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

  2. Auto-Trigger: जैसे ही आप नई कंपनी ज्वाइन करते हैं, आपका पुराना बैलेंस ऑटोमैटिकली नए अकाउंट में शिफ्ट हो जाता है। अब तक 70 लाख से ज्यादा ट्रांसफर इसी तकनीक से सफल हुए हैं।

सरकारी योजनाओं के लिए: government-schemes-for-employees

👵 CPPS: पेंशनभोगियों के लिए ‘वन नेशन, वन सिस्टम’

1 जनवरी 2025 से लागू सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) अब पूरी तरह मैच्योर हो चुका है। इससे देश के किसी भी कोने में बैठा पेंशनभोगी अपनी पेंशन समय पर पा रहा है।

  • पहले पेंशन के लिए बैंक और क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच डेटा ट्रांसफर में देरी होती थी।

  • अब 70 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीधे उनके खाते में पैसा मिल रहा है।

बजट और श्रम मंत्रालय की खबरें: ministry-of-labour-latest-news

📊 एक नज़र में EPFO 3.0 के आंकड़े (FY 2025-26)

उपलब्धि विवरण
कुल ऑटो-सेटल क्लेम 3.52 करोड़+
कुल भुगतान (ऑटो मोड) ₹51,620 करोड़
ऑटो-ट्रांसफर क्लेम 70 लाख+
औसत निपटान समय < 3 दिन

⚠️ क्या न्यूनतम पेंशन में होगी बढ़ोतरी?

भले ही तकनीकी सुधारों ने रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन लाखों कर्मचारियों की नज़र अभी भी न्यूनतम पेंशन (Minimum Pension) में वृद्धि पर टिकी है। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई स्पष्ट वित्तीय घोषणा नहीं की है, लेकिन डिजिटल ढांचे (EPFO 3.0) की मजबूती ने भविष्य में ऐसी किसी भी बढ़ोतरी को लागू करना बेहद पारदर्शी बना दिया है।

💡 आपके लिए सुझाव: कैसे उठाएं फायदा?

यदि आप भी चाहते हैं कि आपका क्लेम 3 दिन में आए, तो इन 3 बातों का ध्यान रखें:

  1. UAN और आधार लिंक: सुनिश्चित करें कि आपका आधार आपके UAN से जुड़ा हो।

  2. बैंक विवरण: आपका बैंक खाता सक्रिय (Active) हो और IFSC कोड सही हो।

  3. ई-नॉमिनेशन: बिना नॉमिनेशन के क्लेम अटक सकता है, इसे आज ही EPFO पोर्टल पर जाकर अपडेट करें।

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