शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 11:09:16 PM

कानपुर मंडी भाव: गेहूं और उड़द की कीमतों में भारी उछाल, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर. प्रसिद्ध चकरपुर अनाज मंडी में आज व्यापारिक गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखी गई। रबी सीजन की नई फसल की सुगबुगाहट और त्योहारों की बढ़ती मांग के बीच बाजार का मिजाज काफी गरम है। विशेष रूप से उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं और प्रीमियम दालों (जैसे उड़द और चना) की कीमतों ने व्यापारियों और किसानों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

? आज के ताजा मंडी भाव (प्रति क्विंटल)

मंडी समिति द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आज विभिन्न जिंसों के भाव इस प्रकार रहे:

अनाज/दलहन औसत भाव (₹) न्यूनतम – अधिकतम (₹) बाजार का रुझान
गेहूं (Wheat) ₹2,515 ₹2,375 – ₹2,850 तेजी ?
चना (Chana) ₹9,750 ₹6,800 – ₹9,750 मजबूत ?
उड़द (हरा) ₹10,950 ₹10,800 – ₹11,100 रिकॉर्ड स्तर
अरहर (तूर) ₹8,050 ₹6,500 – ₹8,050 स्थिर
सरसों (Mustard) ₹6,970 ₹6,920 – ₹7,020 सामान्य
मक्का (Maize) ₹1,850 ₹1,700 – ₹2,200 नर्म ?
जौ (Barley) ₹2,300 ₹2,250 – ₹2,350 स्थिर

ताजा भाव के लिए: चकरपुर मंडी के पिछले हफ्ते के भाव

? बाजार की 3 बड़ी बातें: क्यों बदल रहे हैं दाम?

1. गेहूं: क्वालिटी की मांग और स्टॉक लिमिट का असर

मंडी में आज फार्म गेहूं (उच्च गुणवत्ता) का भाव ₹2,850 प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा। व्यापारियों का कहना है कि आटे की मिलों की ओर से अच्छी क्वालिटी के गेहूं की भारी मांग है। हालांकि, सरकार द्वारा 2026-27 के लिए तय किए गए खरीद लक्ष्यों और स्टॉक लिमिट की खबरों के बीच बाजार संभलकर चल रहा है।

2. दलहन: उड़द और चने में ‘ऊंची छलांग’

दलहन बाजार में आज सबसे ज्यादा हलचल रही। उड़द (हरा) ₹11,100 के स्तर को छू रहा है, जिसका मुख्य कारण म्यांमार से होने वाले आयात में देरी और अंतरराष्ट्रीय मालभाड़े में वृद्धि को माना जा रहा है। वहीं, चना ₹9,750 के साथ अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है।

सरकारी नीति के लिए: गेहूं खरीद और स्टॉक लिमिट पर नई गाइडलाइंस

3. मौसम का मिजाज और नई आवक

मार्च के मध्य में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 2-3°C अधिक रहने के कारण रबी फसलों (गेहूं और सरसों) के जल्दी पकने की संभावना है। चकरपुर मंडी में सरसों की आवक तो बढ़ी है, लेकिन कीमतों में ₹7,000 के आसपास कड़ा प्रतिरोध (Resistance) देखने को मिल रहा है।

मौसम अपडेट के लिए: उत्तर प्रदेश में गर्मी का फसलों पर असर: विशेष रिपोर्ट

? विशेषज्ञों की राय और भविष्य का अनुमान

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह में आलू और मौसमी सब्जियों की आवक बढ़ने से उनके दाम गिर सकते हैं, लेकिन अनाज में फिलहाल मंदी के आसार नहीं हैं।

चेतावनी: किसानों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों पर नजर रखें, क्योंकि मार्च के अंत में हल्की बारिश या तेज हवाएं कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।