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बेंगलुरु: कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी अयोग्य घोषित, आजीवन कारावास की सजा के बाद विधानसभा की सदस्यता खत्म

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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बेंगलुरु | रविवार, 03 मई 2026

कर्नाटक विधानसभा ने शनिवार, 2 मई 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर धारवाड़ ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया। यह निर्णय बेंगलुरु की एक विशेष अदालत द्वारा उन्हें 2016 के योगेशगौड़ा गौदर हत्या मामले में दोषी ठहराए जाने और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद लिया गया है।

अयोग्यता की अवधि और कानूनी प्रावधान

अधिसूचना के अनुसार, कुलकर्णी की अयोग्यता उनकी दोषसिद्धि की तिथि, यानी 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

  • प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA): जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत, यदि किसी विधायक को 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो वह तुरंत अयोग्य हो जाता है।

  • 6 साल का प्रतिबंध: उनकी रिहाई के बाद भी वह अगले 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे, जब तक कि किसी उच्च अदालत द्वारा उनकी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक न लगा दी जाए।

क्या था योगेशगौड़ा गौदर हत्या मामला?

यह मामला 15 जून, 2016 का है, जब भाजपा जिला पंचायत सदस्य योगेशगौड़ा गौदर की धारवाड़ के सप्तपुर में उनके ही जिम में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

  1. सीबीआई जांच: 2019 में मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा गया।

  2. मुख्य साजिशकर्ता: सीबीआई ने अपनी पूरक चार्जशीट में विनय कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्होंने हमलावरों को सुपारी दी थी।

  3. फैसला: 15 अप्रैल 2026 को न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने कुलकर्णी सहित 16 अन्य लोगों को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी पाया।

कर्नाटक विधानसभा में सीटों का गणित

कुलकर्णी की अयोग्यता के साथ ही 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में धारवाड़ की सीट अब रिक्त हो गई है। राज्य में पहले से ही दो सीटें खाली थीं, जिन पर 9 अप्रैल को उपचुनाव हुए थे। इन सीटों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

महत्वपूर्ण तिथियां: एक नजर में

  • 15 जून, 2016: योगेशगौड़ा गौदर की हत्या।

  • 05 नवंबर, 2020: सीबीआई द्वारा विनय कुलकर्णी की गिरफ्तारी।

  • 15 अप्रैल, 2026: विशेष अदालत द्वारा दोषसिद्धि।

  • 17 अप्रैल, 2026: आजीवन कारावास की सजा का ऐलान।

  • 02 मई, 2026: विधानसभा से आधिकारिक तौर पर अयोग्य घोषित।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।