नई दिल्ली. ‘वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहिनकर विचार की तरह’, ‘सब कुछ होना बचा रहेगा’, ‘आकाश धरती को खटखटाता है’, और ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’… जैसी रचनाएं लिखने वाले मशहूर वरिष्ठ कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल नहीं रहे. अपनी जादुई लेखन शैली के लिए …
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