ऐतरेय उपनिषद ऋग्वेद के ऐतरेय आरण्यक का हिस्सा है। आकार में छोटा होने के बावजूद, यह अपने भीतर ब्रह्मांड के सबसे बड़े सत्य “प्रज्ञानं ब्रह्म” (Consciousness is Brahman) को समेटे हुए है। इसके रचयिता ऋषि महिदास ऐतरेय माने जाते हैं। 1. सृष्टि की उत्पत्ति का तत्वज्ञान (Cosmology) उपनिषद के प्रथम …
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