शनिवार, जनवरी 31 2026 | 12:49:53 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / रूस का कच्चा तेल पाकिस्तान के लिए मुसीबत बनेगा, होगी बड़ी दिक्कत

रूस का कच्चा तेल पाकिस्तान के लिए मुसीबत बनेगा, होगी बड़ी दिक्कत

Follow us on:

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में पहली बार रूस से कच्चे तेल की खेप रविवार (11 जून ) को कराची बंदरगाह पहुंची. आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान को उम्मीद है कि इससे देश में आसमान छूती तेल की कीमतों में गिरावट आएगी. कच्चे तेल की खेप पहुंचने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गदगद हैं. खुद उन्होंने ही रूस के कच्चे तेल पहुंचने की जानकारी दी.

रूस के तरफ से आए कच्चे तेल की खेप को लेकर पाकिस्तान भले ही जश्न मना रहा है लेकिन इससे देश में आसमान छूती तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आने वाली. इस बात का दावा एक्सपर्ट कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मनाना है कि रूसी तेल भारी होता है और उससे हाई स्‍पीड डीजल की बजाय ज्‍यादा फरनेस ऑयल निकलेगा.  इससे पाकिस्‍तान में घरेलू स्‍तर पर तेल की कीमतें कम नहीं होंगी.

फरनेस ऑयल की डिमांड कम 

जिओ न्यूज की रिपोर्ट की अनुसार, फरनेस ऑयल की पाकिस्‍तान में ज्‍यादा डिमांड ही नहीं है. पाकिस्तान पहले ही फरनेस तेल पर घाटा उठाकर निर्यात कर रहा है. ऐसे में रूसी तेल के बाद पाकिस्तान में फरनेस तेल और बढ़ जाएगा, जिसे खपा पाना पाकिस्तान के सरदर्द बन जाएगा .

रूस का तेल पाक के लिए फायदेमंद नहीं 

जिओ न्यूज की रिपोर्ट की अनुसार, रूस ने 16 से लेकर 18 डॉलर सस्‍ते में यह तेल पाकिस्‍तान को दिया है. रूस से अभी 45 हजार टन कच्‍चा तेल पाकिस्तान पहुंचा है. रिपोर्ट की अनुसार, पाकिस्‍तान ने इस तेल के लिए चीनी मुद्रा युआन में यह भुगतान किया है. पाकिस्तान के तेल विशेषज्ञों का कहना है कि वहीं दूसरी तरफ सऊदी तेल में 50 फीसदी हाई स्‍पीड डीजल निकलता है और केवल 25 फीसदी फरनेस ऑयल निकलता है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसे रूस और पाकिस्तान के बीच नए रिश्तों की शुरुआत है. लेकिन अगर वास्तव में देश में तेल की कीमतें कम नहीं होती हैं तो लोग सरकार पर फिर सवाल उठाएंगे .

साभार : एबीपी न्यूज़

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भारतीय निर्यात और यूरोपीय बाजार का प्रतीकात्मक दृश्य

भारत और यूरोपीय संघ का ऐतिहासिक FTA समझौता 2026: सस्ते होंगे यूरोपीय प्रोडक्ट, भारतीय निर्यात को बूस्ट

27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (European Union – EU) ने ऐतिहासिक मुक्त …