शनिवार, सितंबर 19 2026 | 08:13:41 AM

छात्रों का विरोध शांत करने के लिए बिहार पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

पटना. आरा में सीनेट की बैठक का विरोध कर रहे छात्रों को पुलिस ने लाठीचार्ज (Arrah News) किया. यूनिवर्सिटी का गेट तोड़कर छात्र अंदर घुसना चाहते थे, जिसके बाद छात्रों ने यूनिवर्सिटी का गेट तोड़ दिया. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया. लाठीचार्ज में छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं. इससे छात्र गेट छोड़कर भागने लगे. हालांकि उसके बाद भी छात्र अपना प्रदर्शन जारी रखे. छात्र नेता अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, सीनेट की बैठक में राज्यपाल भी शामिल हुए.

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का है मामला

आरा में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक के दौरान कई मांगों को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन करने के लिए काफी संख्या में छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे थे. छात्र के प्रदर्शन देख भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गई और छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस लाठीचार्ज में कई छात्रों को चोटें आई हैं.

लाठीचार्ज की कोई घटना नहीं हुई है- पुलिस अधीक्षक

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वहीं, इस मामले को लेकर आरा के पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के पास छात्र जुटे हुए थे. वीसी से अपनी मांग रखना चाहते थे. इसको लेकर छात्रों को समझाया गया कि आप अपना आवेदन दे दीजिए. इस दौरान राज्यपाल सीनेट की बैठक में चले गए. राज्यपाल के जाने के बाद कुछ छात्र विश्वविद्यालय के गेट पर चढ़ गए थे. ऐसे छात्रों को वहां निकालने के क्रम में कुछ प्रदर्शनकारी को चोट आई है. लाठीचार्ज की कोई घटना नहीं हुई है. विश्वविद्यालय के गेट पर महिला और पुरुष बल दोनों को तैनात किया गया था. आगे की कार्रवाई में पुलिस जुटी हुई है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।