शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:21:21 PM

दक्षिण कोरिया के विपक्षी नेता पर मीडिया से बात करने के दौरान जानलेवा हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

सियोल. दक्षिण कोरिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां के अपोजिशन लीडर ली जे-म्युंग पर बुसान के दौरे के वक्त अज्ञात हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया. नेता पर तब हमला किया गया जब वह मीडिया से बात कर रहे थे. हमले में घायल हुए ली जे-म्युंग को फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

मीडिया के सामने हमला
न्यूज एजेंसी योनहाप ने बताया कि दक्षिण कोरिया के अहम अपोजिशन डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष ली जे-म्युंग मीडिया से बात कर रहे थे, तभी एक हमलावर ने उनकी गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया. हमले में नेता की गर्दन पर बाईं तरफ जख्म हो गया. हमले के बाद आस-पास अफरा तफरी मच गई.

इस तरह किया हमला
मौके पर मौजूद लोगों के हवाले से कहा गया है कि “संदिग्ध ने ऑटोग्राफ के लिए और समर्थक होने का नाटक करते हुए ली से संपर्क किया था. फिर उसने उस पर 20 से 30 सेंटीमीटर (7.9 – 11.8 इंच) लंबे हथियार से हमला किया.”

मुल्जिम गिरफ्तार
एजेंसी ने बताया कि जिस शख्स ने ली जे-म्युंग पर हमला किया उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल ली ज-म्युंग की सेहत कैसी है उसके बारे में ज्यादा अपडेट नहीं है. हादसे की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इन फोटोज में नजर आ रहा है कि ली जे-मयुंग फर्श पर लेटे हैं. उनके आस-पास भीड़ है. उनकी गर्दन पर किसी ने पट्टी रखी हुई है जहां पर जख्म है.

- Advertisement -

मुख्य विपक्षी लीडर है जे
बताया जाता है कि ली ने इससे पहले बुसान के गाडेओक द्वी पर बन रहे एक हवाई अड्डे का दौरा किया था. ली जे-म्युंग साउथ कोरिया के अहम अपोजिशन पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष हैं. ली, 2022 में राष्ट्रपति पद के लिए दौड़ में शामिल थे, लेकिन रूढ़िवादी यूं सुक-योल से हार गए.

साभार : जी न्यूज़

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon.in/dp/9392581181/

https://www।flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।