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मोदी सरकार वक्फ बोर्ड कानून में करेगी संशोधन, सोमवार को आ सकता है विधेयक

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नई दिल्ली. मोदी सरकार इस बिल के जरिए वक्फ बोर्डों के उस अधिकार पर लगाम लगाना चाहती है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर देते हैं. वक्फ बोर्ड एक्ट संशोधन बिल कल संसद में पेश हो सकता है. बिल में वक्फ बोर्ड की ताकत को कम करने की बात कही गई है. इस समय देश भर में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 वक्फ बोर्ड हैं.

वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन होगा. सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दे दी है. वक्फ अधिनियम में संशोधन करने वाला विधेयक इसी हफ्ते संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार वक्फ एक्ट में संशोधन बिल 5 अगस्त को संसद में पेश कर सकती है. संसद में इस बिल के पास होने के बाद वक्फ बोर्ड के अधिकारों में कटौती होगी. वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को अपनी संपत्ति घोषित करने से परहेज करेंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि मोदी सरकार के बिल में क्या-क्या होगा…?

मोदी सरकार के बिल में क्या-क्या?

  • मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रमुख संशोधनों में वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन, बोर्डों की संरचना में बदलाव और बोर्ड द्वारा वक्फ की संपत्ति घोषित करने से पहले उसका सत्यापन सुनिश्चित करना शामिल है.
  • विधेयक में सेंट्र वक्फ काउंसिल और स्टेट वक्फ बोर्डों की संरचना को बदलने के लिए वक्फ एक्ट की धारा 9 और धारा 14 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, ताकि निकायों में महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके.
  • मोदी सरकार के विधेयक में स्टेट वक्फ बोर्डों द्वारा दावा की गई विवादित जमीन के नए सत्यापन की मांग करने का भी प्रस्ताव है.
  • विधेयक में वक्फ बोर्डों द्वारा जिस संपत्तियों पर दावा किया जाएगा, उसको अनिवार्य रूप से सत्यापित किया जाएगा.

28 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में 30 वक्फ बोर्ड

पिछले साल मई में दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि केंद्र सरकार उन 123 संपत्तियों का फिजिकल इंसपेक्शन कर सकती है, जिनके कब्जे का दावा दिल्ली वक्फ बोर्ड कर रहा है. इसके बाद पिछले साल अगस्त में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इन सभी संपत्तियों को नोटिस भी जारी किया. इस समय देश भर में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 वक्फ बोर्ड हैं.

वक्फ बोर्ड की ताकत को कम करेगी सरकार

मोदी सरकार इस बिल के जरिए वक्फ बोर्डों के उस अधिकार पर लगाम लगाना चाहती है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर देते हैं. बिल में वक्फ बोर्ड की ताकत को कम करने की बात कही गई है. सरकार वक्फ बोर्ड के दावे का सत्यापन करने पर विचार कर रही है. उन संपत्तियों का भी सत्यापन किया जा सकता है, जिन्हें लेकर बोर्ड और मालिकों के बीच विवाद है.

1954 में वक्फ अधिनियम पारित किया गया था

देशभर में वक्फ बोर्ड के पास 8.7 लाख से ज्यादा संपत्तियां हैं, जो 9.4 लाख एकड़ में फैली हैं. साल 1954 में वक्फ अधिनियम पारित किया गया. 1995 में वक्फ कानून में संशोधन करते हुए वक्फ बोर्ड को असीमित शक्तियां दे दी गई थी. इसके मुताबिक वक्फ बोर्ड अगर किसी संपत्ति पर अपना दावा कर दे, तो उसे उसकी संपत्ति माना जाएगा. इसके बाद से इसमें कई बार संशोधन हुआ.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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