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अकाली दल के पूर्व अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुआ जानलेवा हमला, पंजाब पुलिस पर लगे आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली के अध्यक्ष रहे सुखबीर सिंह बादल पर अमृतसर में फायरिंग हुई है। जानकारी के अनुसार, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक व्यक्ति ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर गोलियां चला दीं। मौके पर मौजूद लोगों ने उस व्यक्ति को काबू कर लिया। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। गोलीबारी में सुखबीर सिंह बादल बाल-बाल बच गए।

हमले का वीडियो आया सामने

आरोपी की पहचान गुरदासपुर के डेराबाबा नानक के रहने वाले नारायण सिंह चौड़ा के रूप में हुई है। वह दल खालसा का सदस्य है। 2013 में UAPA में गिरफ्तार हुआ था। गोली चलाने का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नारायण सिंह आरोप से गोल्डन टेंपल के गेट पर पहुंचता है। जब वह सुखबीर बादल के करीब पहुंचा तो कमर के नीचे छिपाकर रखे गए पिस्टल को निकाल कर फायरिंग करने लगता है। सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा में तैनात कुछ सेवादारों की तुरंत हमलावर पर नजर पड़ जाती है और उसे पकड़ लिया जाता है। वीडियो में देखा जा रहा है कि गोली सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाकर चलाई गई लेकिन मिस हो गई और टेंपल के गेट पर जा लगी।

शिरोमणि अकाली दल ने लगाया पंजाब पुलिस पर आरोप

अमृतसर में स्वर्ण मंदिर परिसर में उस समय गोलियां चलाई गईं, जब शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उनके लिए घोषित धार्मिक दंड के तहत ‘सेवा’ कर रहे थे। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब पुलिस पर पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराने का आरोप लगाया है।

आरोपी कल भी गोल्डन टेंपल में था

शिरोमणि अकाली दल के आरोपों पर एडीसीपी हरपाल सिंह ने दावा किया कि यहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। सुखबीर को ठीक से सुरक्षा कवर दिया गया था। हमलावर नारायण सिंह चौरा कल भी यहां था। आज भी उसने सबसे पहले गुरु को माथा टेका। जब उनसे पूछा गया कि क्या गोली से किसी को चोट लगी है, तो उन्होंने कहा, नहीं।

हमले के बाद भी सेवा जारी रखेंगे बादल

SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सबसे पहले, मैं गुरु नानक को धन्यवाद देना चाहूंगा। जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय। ‘सेवक’ यहां ‘सेवा’ कर रहे थे। सुखबीर सिंह बादल पास में बैठे थे गुरु राम दास द्वार पर गोली चलाई गई…मैं गुरु नानक को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने अपने ‘सेवक’ को बचा लिया। यह बहुत बड़ी घटना है, पंजाब को किस युग में धकेला जा रहा है? मैं चाहूंगा पंजाब के सीएम से पूछें, आप पंजाब को कहां ले जाना चाहते हैं? हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया गया। मैं यहां के सुरक्षाकर्मियों को भी धन्यवाद देता हूं। हमले की उच्च स्तर न्यायिक जांच होनी चाहिए। हम अपनी ‘सेवा’ जारी रखेंगे।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।