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केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर कोर्ट ने लगाया 1 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. पूरे देश में इन दिनों चुनावा का माहौल है. चुनावी माहौल में ही खूंटी से बीजेपी के लोकसभा प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा पर झारखंड हाईकोर्ट ने जुर्माना लगाया है. झारखंड हाईकोर्ट ने अर्जुन मुंडा पर 1 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. जुर्माने की राशि को एडवोकेट क्लर्क एसोसिएशन झारखंड हाईकोर्ट के पक्ष में भुगतान करने का आदेश दिया गया है.

पूरा मामला 11 अप्रैल 2023 के सचिवालय मार्च से जुड़ा है, जिसमें बीजेपी के दूसरे नेताओं के साथ-साथ अर्जुन मुंडा पर भी धुर्वा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. धुर्वा थाने में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने को लेकर अर्जुन मुंडा की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी. हालांकि इस दौरान याचिका में त्रुटि रह गई थी, जिसे सुधार के लिए कोर्ट की ओर से कहा गया था. वहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिका में त्रुटि अब तक दूर नहीं की गई है, लिहाजा कोर्ट ने इसे अनदेखी मानते हुए अर्जुन मुंडा पर 1 लाख 25 हजार का जुर्माना लगाया.

दरअसल इस मामले की पिछली सुनवाई 3 अप्रैल को ही हुई थी और उस दौरान बीजेपी के दूसरे नेताओं के साथ-साथ अर्जुन मुंडा को भी राहत देते हुए कोर्ट ने पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाई थी. 3 अप्रैल को ही कोर्ट ने अर्जुन मुंडा पर जुर्माना भी लगाया था. इस मामले की अगली सुनवाई अब 8 मई को होगी. अर्जुन मुंडा की ओर से धुर्वा थाने में दर्ज कांड संख्या 197/2023 के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गयी है. अर्जुन मुंडा जो कि इस समय केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं, झारखंड के सीएम भी रह चुके हैं.

साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।