गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 11:47:06 PM

रतन टाटा ने स्वस्थ होने का दावा कर किया अपनी तबियत खराब होने की खबर का खंडन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

मुंबई. जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा ने अपनी तबियत खराब होने की खबर को अफवाह बताया है और उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर अपनी सेहत का अपडेट दिया है. टाटा संस के चेयरमैन ऐमिरेट्स रतन टाटा की आयु 86 वर्ष है और उन्होंने कहा है कि वो केवल अपनी उम्र संबधी स्वास्थ्य दिक्कतों के कारण रेगुलर चेकअप के लिए गए थे. खबरें आई थीं कि रतन टाटा को आईसीयू में भर्ती कराया गया है और उनको ब्लड प्रेशर संबंधी दिक्कत हो रही हैं. हालांकि रतन टाटा ने अपने एक्स हैंडल पर खुद पोस्ट करके इस बात  को गलत बताया है.

सेहत को लेकर गलत खबरों के बारे में जानते हैं- रतन टाटा

उन्होंने लिखा कि वो उनकी सेहत को लेकर फैल रही खबरों से अनजान नहीं हैं और वो सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ये खबरें गलत हैं. वो फिलहाल मेडिकल चेक-अप्स के लिए अस्पताल में भर्ती हैं और उम्र से जुड़ी सामान्य दिक्कतों और स्थिति के लिए ही अस्पताल गए थे.

सेहत को लेकर गलत खबरों के बारे में जानते हैं- रतन टाटा

उन्होंने लिखा कि वो उनकी सेहत को लेकर फैल रही खबरों से अनजान नहीं हैं और वो सभी को आश्वस्त करना चाहते हैं कि ये खबरें गलत हैं. वो फिलहाल मेडिकल चेक-अप्स के लिए अस्पताल में भर्ती हैं और उम्र से जुड़ी सामान्य दिक्कतों और स्थिति के लिए ही अस्पताल गए थे. रतन टाटा ने ये भी लिखा है कि चिंता की कोई बात नहीं है और वो मीडिया से आग्रह करते हैं कि वो गलत जानकारी देने से बचें. बता दें कि रतन टाटा अब अपने स्वास्थ्य को देखते हुए सार्वजनिक जगहों में कम ही दिखते हैं और निजी जीवन बिता रहे हैं.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।