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बब्बर खालसा इंटरनेशनल का आतंकवादी सिमरनजीत हथियार के साथ गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब की जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिमरनजीत सिंह उर्फ ​​बबलू के रूप में हुई है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसने फरार होने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने द्वारा चलाई गई गोली में आरोपी को दो फायर लगे। जिसके बाद उसे पुलिस गारद में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया।

आरोपी बब्बर खालसा के आतंकी रतनदीप सिंह की हत्या में शामिल था। खुफिया जानकारी के आधार पर जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने मुख्य हमलावर सिमरनजीत बबलू को गिरफ्तार किया है। आरोपी 3 अप्रैल 2024 को हुई हत्या के बाद से ही फरार था। इस मॉड्यूल को पाकिस्तान स्थित आतंकी हरविंदर रिंदा और यूएसए स्थित आतंकी गोपी नवांशहरिया चला रहे हैं। जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने आरोपी के पास से एक रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस और अन्य हथियार बरामद किए हैं। इसकी जानकारी जल्द ही मीडिया से साझा की जाएगी।

आरोपी से दो अवैध हथियार किए गए बरामद

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की थी। आरोपी को रोकने के लिए पुलिस टीमों को फायरिंग करनी पड़ी, इस दौरान आरोपी घायल हो गया और उसका नजदीकी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस टीमों ने आरोपियों के पास से 2 आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। जिसमें एक वेब्ले 32 बोर रिवॉल्वर और एक .32 पिस्तौल व 19 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। आरोपी ने प्राथमिक पूछताछ में माना कि लोगों में दहशत बनाने के लिए उसने रतनदीप की हत्या की थी। आरोपी का एक साथी जस्सी वारदात के बाद विदेश भाग गया था। आरोपी की गिरफ्तारी देओल नगर के पास से की गई है।

अमृतसर में एएसआई की हत्या में भी शामिल था आरोपी

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी बबलू अमृतसर पुलिस के एक एएसआई की हत्या में भी शामिल था। इसे लेकर स्पेशल ऑपरेशन यूनिट अमृतसर द्वारा उक्त आरोपी के खिलाफ अलग से एक एफआईआर दर्ज की गई है।

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करनाल का रहने वाला था रतनदीप, काम के लिए बलाचौर आया था

बता दें कि बब्बर खालसा के आतंकी रतनदीप सिंह की 3 अप्रैल को शाम करीब 7 बजे बलाचौर बाईपास पर गांव गढ़ी कानूनगो के पास हत्या कर दी गई थी। रतनदीप पर कई गोलियां चलाई गई थीं, वारदात के वक्त उसका भतीजा गुरप्रीत सिंह भी मौजूद था। गुरप्रीत हरियाणा के करनाल से आया था। जिसके बयानों पर बलाचौर पुलिस ने नवांशहर निवासी गैंगस्टर गोपी नवांशहरिया और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ 302 (हत्या), 307 (हत्या की नीयत) आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।

रतनदीप पर कई संगीन मामले दर्ज

शुरुआती जांच में पता चला है कि पहले वह बब्बर खालसा के लिए काम करता था, लेकिन फिर अचानक उसने खुद को हर चीज से अलग कर लिया। रतनदीप सिंह पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियों से दूर था। पुलिस को शुरू से ही शक था कि आतंकी संगठनों से जुड़े कुछ लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यूएसए में बैठे गैंगस्टर गोपी नवांशहरिया ने रतनदीप की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। रतनदीप पहले बब्बर खालसा का कुख्यात आतंकी रह चुका है। उसके खिलाफ पंजाब समेत कई राज्यों में कई मामले भी दर्ज हैं। जिसमें हत्या के मामले भी शामिल हैं।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।