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कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह जेल से ही लड़ेगा चुनाव, नहीं मिली नामांकन के लिए जमानत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. पंजाब सरकार व चुनाव आयोग ने कट्टरपंथी सिख अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) को लोकसभा चुनाव में नामांकन दायर करने के लिए सभी सुविधा उपलब्ध करवा दी है। पंजाब सरकार ने कोर्ट को बताया कि डिब्रूगढ़ जेल के सुपरिंटेंडेंट जेल में ही अमृतपाल सिंह के नॉमिनेशन की सभी प्रक्रिया पूरी करेंगे व सोमवार को अमृतपाल सिंह के नामांकन का काम पूरा हो जाएगा। इस जानकारी के बाद हाई कोर्ट ने अमृतपाल सिंह की याचिका का निपटारा कर दिया इससे साफ है की अमृतपाल सिंह को अपना नामांकन जेल (Amritpal Singh Nomination from Jail) से भी भरना होगा। उसे इसके लिए सात दिनों की अस्थाई रिहाई नहीं दी जाएगी।

खडूर साहिब सीट से लड़ेगा चुनाव

इस मामले में अमृतपाल (Amritpal Singh News) ने अपनी याचिका में खडूर साहिब संसदीय सीट से लोकसभा सीट पर अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए सात दिनों की रिहाई की मांग की थी। वर्तमान में असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल को पिछले साल (2023) 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) अधिनियम, 1980 के तहत हिरासत में लिया गया था। इस वर्ष 13 मार्च को जिला मजिस्ट्रेट अमृतसर द्वारा एनएसए अधिनियम के तहत एक और नजरबंदी आदेश पारित किया गया था। अपनी याचिका में, अमृतपाल ने कहा था कि दो मई को, उनके पिता ने मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब को एक पत्र लिखा था, जिसमें याचिकाकर्ता द्वारा लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के लिए आवश्यक निर्देश और दिशा-निर्देश प्रदान करने की आवश्यकता थी।

डीएम अमृतसर को भी लिखा पत्र

इसके बाद तीन मई को, उनके पिता द्वारा डीएम अमृतसर को एक और पत्र लिखा गया था, जिसमें अधीक्षक, केंद्रीय जेल, डिब्रूगढ़ को याचिकाकर्ता को शपथ दिलाने और एक प्रमाणित प्रति रिटर्निंग अधिकारी को भेजने के लिए आवश्यक निर्देश देने की मांग थी। इसके बाद छह मई को याचिकाकर्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब को पत्र लिखकर याचिकाकर्ता को नामांकन दाखिल करने और चुनाव नियमों के तहत अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में सुविधा प्रदान करने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराने को कहा। सात मई को चुनाव आयोग ने याचिकाकर्ता के मामले में सभी आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब को भेजे और उनसे उक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

अमृतसर डीएम ने सरकार को लिखा पत्र

अमृतपाल के अनुसार, सीईओ पंजाब ने इसके बाद डिप्टी कमिश्नर-कम जिला चुनाव अधिकारी, तरनतारन को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए लिखा था, जिसके बाद डीएम, अमृतसर ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा था कि याचिकाकर्ता को चुनाव लड़ने के लिए साधन उपलब्ध कराए जाएं या नहीं। अमृतपाल ने अपनी याचिका में कहा है, इसके बाद आठ मई को पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी ने डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी, तरनतारन को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने और याचिकाकर्ता को चुनाव लड़ने में मदद करने के लिए कहा था। लेकिन आज तक पंजाब राज्य और जिला मजिस्ट्रेट, अमृतसर ने जानबूझकर कोई और निर्देश जारी नहीं किया है, ताकि देरी हो और यह सुनिश्चित हो सके कि याचिकाकर्ता लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल न कर पाए।

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14 मई है नामांकन की अंतिम तारीख

अपनी याचिका में उन्होंने एनएसए की धारा 15 के अनुसार सात दिनों के लिए अपनी अस्थायी रिहाई के लिए निर्देश मांगे हैं, ताकि वह खडूर साहिब से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अपना नामांकन दाखिल कर सकें, जिसके लिए नामांकन की अंतिम तिथि 14 मई है। चुनाव लड़ने से संबंधित सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए उनकी नवीनतम तस्वीर क्लिक करने और नया बैंक खाता खोलने आदि सहित कई अन्य गतिविधियों में उनकी सहायता करने के लिए भी निर्देश मांगे गए हैं।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।