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मैं सनातन धर्म में आस्था रखने वालों का दिल नहीं तोड़ सकता : कन्हैया मित्तल

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लखनऊ. मशहूर भजन गायक कन्हैया मित्तल 48 घंटे में ही अपने ऐलान से पीछे हट गए हैं. कन्हैया मित्तल ने कांग्रेस में जाने का इरादा टाल दिया है. मित्तल ने बीजेपी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता था कि पार्टी उन्हें इतना प्रेम करती है. कन्हैया मित्तल ने एक बार फिर फेसबुक पर वीडियो पोस्टकर अपने नए फैसले की जानकारी दी.

उन्होंने कहा, पिछले 48 घंटे में मुझे यह प्रतीत हुआ कि उनके भाई बहन और बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें कितना चाहता है और उन्हें तवज्जो देता है. उनकी ओर वो माफी मांगते हैं कि जो मन की बात बताते हुए उन्होंने कांग्रेस में जाने का ऐलान किया था, उसे वापस ले रहा हूं. किसी सनातन धर्म में आस्था रखने वाले का दिल वो नहीं दुखाना चाहते. हम सभी राम के थे, राम के हैं और राम के ही आगे रहेंगे. सभी को हुई परेशानी के लिए वो खेद प्रकट करते हैं. हम सभी ऐसे ही आपस में जु़ड़कर देश की सेवा करते रहेंगे. शीर्ष नेतृत्व को इसके लिए तहेदिल से मैं शुक्रिया अदा करता हूं.

दो दिन पहले मचाया था हड़कंप

इससे दो दिन पहले कन्हैया मित्तल ने एक वीडियो पोस्ट कर हड़कंप मचा दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो कांग्रेस में जाने वाले हैं. कन्हैया ने कहा था. जरूरी नहीं है कि सारे सनातनी भाजपा में ही हों, सनातन धर्म के लिए कहीं से भी काम किया जा सकता है. हालांकि उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था, सीएम योगी हमारे गुरु महाराज थे और हमेशा रहेंगे. उन्होंने इस बात को नकारा था कि वो हरियाणा विधानसभा चुनाव में पंचकूला सीट से टिकट न मिलने के कारण भाजपा छोड़ रहे हैं. कन्हैया मित्तल को (Kanhiya Mittal News) रविवार शाम को ही कांग्रेस में शामिल होना था, लेकिन फिर उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया या घोषणा नहीं हुई, सोशल मीडिया पर भी लोग पूछते रहे कि कन्हैया का क्या हुआ, वो कांग्रेस में शामिल हुए या नहीं.

बीजेपी नेतृत्व को बार-बार कहा धन्यवाद

कन्हैया मित्तल ने दो मिनट के नए वीडियो में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को दो बार धन्यवाद दिया. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.मित्तल ने कहा, जो अपना ही होता है, जो अपनों के लिए परेशान होता है. हम सब ऐसे ही जुड़े हैं और जुड़े रहेंगे. मित्तल ने पिछले वीडियो में कहा था कि सीएम योगी के कहने पर उन्होंने जो राम को लाए हैं और हम उनको लाएंगे, वो गाना गाया था. बीजेपी नेतृत्व के कहने पर वो उनके कार्यक्रम में जाते रहते हैं. उन्होंने बीजेपी की तारीफ इस गाने में नहीं की थी. कन्हैया मित्तल का जन्म चंडीगढ़ में 21 सितंबर 1990 को हुआ था. बड़े कारोबारी के बेटे कन्हैया को 12 साल की आयु से भजन गाने का जोश औऱ जज्बा था.उन्होंने पिता के कहने पर लंबे वक्त तक भजन गाने के बदले कोई पैसा नहीं लिया. खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और  पीएम मोदी भी उनके भजनों के मुरीद रहे हैं. योगी आदित्यनाथ ने खुद उन्हें लखनऊ बुलाकर सम्मानित भी किया है.

साभार : जी न्यूज़

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