शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 09:35:39 PM

मुस्लिम समुदाय के तय रूट बदलने पर अड़े रहने के कारण हुआ हंगामा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

जयपुर. राजस्थान के बारां शहर में आज सोमवार दोपहर  को जुलूस के रास्ते को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मुस्लिम समुदाय के लोग तय रूट के विपरीत महाराणा प्रताप चौराहे के चक्कर लगाकर जाना चाहते थे लेकिन, प्रशासन ने भीड़ को रोक दिया। इस बात को लेकर पुलिस और मुस्लिम समुदाय के बीच बहस हो गई। मुस्लिम समुदाय महाराणा प्रताप चौराहे के चक्कर लगाने को लेकर अड़ गया था जिसे लेकर पुलिस ने मना कर दिया। चूंकि यह रास्ता तय रूट से अलग था। हालांकि पुलिस अधीक्षक राजकुमार चौधरी की सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के मुताबिक, जब पुलिसकर्मियों ने जुलूस में शामिल लोगों से तय रूट पर आगे बढ़ने की अपील की तो  उनमें से कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। इसको लेकर जब पुलिस की ओर से कठोरता दिखाई गई तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बताया तो ये भी जा रहा है कि जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी की।

2 दिन पहले ही शाहपुरा में हुआ था पथराव

दो दिन पहले ही राजस्थान के शाहपुरा जिले में जलझूलनी एकादशी के मौके पर पीतांबर राय महाराज के (बेवाण) जुलूस पर पथराव हुआ था, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। पथराव में एक महिला समेत कई युवकों के चोट आई थीं। घटना के बाद जुलूस में शामिल लोगों में दूसरे पक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी विधायक गोपीचंद मीणा धरने पर  भी बैठ गए थे। इस घटना से जहाजपुर कस्बे में तनाव व्याप्त हो गया, जिसके बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

साभार : इंडिया टीवी

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।