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चंद्रशेखर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव के लिए घोषित किये 3 प्रत्याशी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की दस विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होना बाकी है लेकिन चुनाव तारीखों के ऐलान से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी उतारने शुरू कर दिये हैं. बहुजन समाज पार्टी के बाद अब चंद्रशेखर आजाद की  पार्टी आजाद समाज पार्टी (ASP) ने उपचुनाव के लिए प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. पार्टी की तरफ से रविवार 18 अगस्त को तीन गाजियाबाद (सदर) मुजफ्फरनगर (मीरापुर) और मिर्जापुर (मझवां) सीट से प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं.

चंद्रशेखर आजादी पार्टी ने गाजियाबाद सीट सदर सीट से सतपाल चौधरी, मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से जाहिद हसन और मिर्जापुर की मझवां सीट से धीरज मौर्य को चुनाव मैदान में उतारा है. पार्टी तरफ से कहा गया है कि वह जल्द अन्य सात सीटों के प्रत्याशियों की घोषणा करेगी. मझवां सीट से आसपा प्रत्याशी धीरज मौर्य कोन ब्लॉक के पुर्जागीर गांव के रहने वाले हैं. वह साल  2022 से आजाद समाज पार्टी जुड़कर कर रहे थे. वे वर्तमान में आजाद समाज पार्टी के जिला सचिव हैं.

बसपा ने दो सीटों पर उतारे प्रत्याशी

इधर, मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने अयोध्या की मिल्कीपुर और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. बसपा ने मिल्कीपुर से रामगोपाल कोरी और मीरापुर से शाह नजर को प्रत्याशी बनाया है.  यूपी में होने वाले उपचुनाव को लेकर बसपा और आजाद समाज पार्टी में काफी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. जहां बसपा ने लंबे समय बाद उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

वहीं लोकसभा चुनाव में जीत से गदगद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ने उपचुनाव को लेकर कमर कस ली है.  बता दें कि जिन 10 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से पांच सीट सीसामऊ, कटेहरी, करहल, मिल्कीपुर और कुंदरकी समाजवादी पार्टी के पास थी. वहीं फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां और खैर भारतीय जनता पार्टी के पास थी. जबकि मीरापुर सीट बीजेपी के सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के पास थी.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।