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हिंदू और मुस्लिम में दरार पैदा करने के लिए झूठ फैलाया जा रहा है : माधवी लता

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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हैदराबाद. लोकसभा चुनाव के चलते तेलंगाना के हैदराबाद में राजनीति चरम पर है। ओवैसी की पारिवारिक सीट हैदराबाद पर मुकाबला कड़ा होता जा रहा। भाजपा और AIMIM के बीच वाक युद्ध चरम पर है। इसी बीच हैदराबाद से भाजपा की प्रत्याशी माधवी लता के एक रैली में किए गए इशारे पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भड़क गए और उन्होंने कई आरोप लगाए। ओवैसी के आरोपों पर अब भाजपा प्रत्याशी माधवी लता ने पलटवार किया है।

माधवी बोलीं- ये सब झूठ, फिर भी माफी मांगती हूं

वीडियो की आलोचना होने पर माधवी ने कहा कि ये सब झूठ फैलाया जा रहा है, लेकिन अगर फिर भी किसी की भावनाएं आहत हुई है तो मैं माफी मांगती हूं। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि ये वीडियो उनकी इमेज खराब करने और नकारात्मकता फैलाने के लिए फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये अधूरा वीडियो है और इसमें मस्जिद कहां से आ गई वो तो हवा में तीर चलाने का इशारा कर रही थीं। माधवी ने कहा कि ये हिंदू और मुस्लिम में दरार पैदा करने के लिए किया जा रहा है और वो केवल रामनवमी के अवसर पर हवा में तीर चलाने के इशारा कर रही थीं।

मस्जिद पर इशारा करने का वीडियो वायरल

दरअसल, इंटरनेट मीडिया पर माधवी लता का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसमें वो एक रैली के दौरान तीर चलाने का इशारा करती हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि माधवी अपनी पीठ पर तरकश से तीर निकालकर चलाने का इशारा करती हैं। इस वीडियो में जिस ओर माधवी इशारा करती है, उस ओर मस्जिद होने का दावा किया जाता है।

दूसरी ओर वीडियो पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि हैदराबाद के लोग भाजपा और आरएसएस के हथकंडे को समझ गई है। भाजपा नेता के अश्लील और उत्तेजक इशारों को यहां के लोग स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने इसी के साथ इलेक्शन कमीशन से भी कार्रवाई करने की मांग की। बता दें कि भाजपा प्रत्याशी माधवी लता हैदराबाद की सीट से ओवैसी के खिलाफ चुनाव में खड़ी हैं।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।